नहटौर के नाजिम ने सऊदी अरब में जाकर आईएस के लिए काम करने की बाकायदा ट्रेनिंग ली थी। भारत लौटने पर उसने आतंकी गुट खड़ा करने का काम किया। मुफ्ती फैजान को उसने खुद ट्रेनिंग दी थी।
नाजिम मुंबई में और मुफ्ती फैजान बिजनौर में युवाओं को बरगलाकर आईएसआईएस का खुरासान माड्यूल तैयार करने में जुटे थे। नाजिम सऊदी अरब में प्लंबर की नौकरी करने के नाम पर गया था। सऊदी अरब में ही वह आईएस के आकाओं के संपर्क में आया था। ट्रेनिंग लेकर नौ माह बाद वह भारत लौटा और आतंकी गुट खड़ा करने पर काम शुरू कर दिया। मुफ्ती फैजान ने इस काम में उसका पूरा साथ दिया। दोनों युवाओं का ब्रेनवाश करके जाल में फंसा रहे थे। इसके लिए वे धार्मिक भावनाएं भड़काते थे।
सूत्रों की मानें तो नाजिम सऊदी अरब जाने से पहले ही मुफ्ती फैजान से जुड़ा हुआ था। पहले सऊदी अरब में बैठे आईएस आकाओं के संदेश नाजिम मुफ्ती फैजान तक पहुंचाता था। बाद में मुफ्ती फैजान को भी उसने आकाओं से जोड़ दिया था।
दोनों मिलकर देश में आईएस के लिए आतंकी ढांचा तैयार कर रहे थे। नाजिम केवल कक्षा सात तक पढ़ा है। तीन माह पहले वह बहनों की शादी में हुआ परिवार का कर्ज उतारने के बहाने मुंबई में करोबार करने के नाम पर गया था। वहां उसकी करतूतों की जानकारी किसी को नहीं थी।
नाजिम और मुफ्ती फैजान की नजर धार्मिक स्थलों व उनसे जुड़ी शैक्षिक संस्थाओं पर थी। इनसे जुड़े युवक इनके खास निशाने पर थे। दोनों मिलकर युवाओं का ऐसा ब्रेनवाश करते थे कि युवा उनके जाल से निकल नहीं पाते थे।
सूत्रों की मानें तो नाजिम व फैजान धार्मिक भावनाएं भड़काने के साथ युवाओं को तरह-तरह के प्रलोभन भी देते थे। उन्हें खर्च के नाम पर मोटी रकम दी जाती थी। नांगल थाने के गांव दहीरपुर निवासी फरमान ने एटीएस के कब्जे से छूटने के बाद कबूल किया है कि वह फैजान के संपर्क में था। मोबाइल पर उनकी खूब बातें होती थीं। एसपी अजय साहनी के मुताबिक, अब तक की जानकारी के मुताबिक, नाजिम व फैजान दोनों मिलकर आईएस का माडयूल तैयार कर रहे थे।
धार्मिक और शैक्षिक स्थलों की कुंडली खंगालेगी पुलिस
जिले की पुलिस धर्मिक स्थलों व उनसे जुड़ी शैक्षिक संस्थाओं से जुडे युवाओं की कुंडली खंगालेगी। इस दौरान इनमें बाहर के युवकों, किस राज्य के कितने युवा हैं, उनके यहां आने से पहले के रिकॉर्ड आदि पर नजर रखी जाएगी।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक, जिले की पुलिस को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं। एसपी का कहना है कि एटीएस ने जिले के जिन चार युवकों को छोड़ा है, उन पर भी पुलिस की पूरी नजर होगी। इन युवकों की हर गतिविधियों पर पुलिस नजर रखेगी। इनमें से किसी ने भी गलती दोहराई तो इन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
सऊदी गए भारतीयों पर डोरे
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, नाजिम ही नहीं, सऊदी अरब में नौकरी करने गए युवाओं पर आतंकी संगठन के गुर्गे डोरे डाल रहे हैं। भारतीय खासकर आईएस के निशाने पर इसलिए है कि यहां वह पैर जमाने की घोषणा कर चुका है। आईएस ने सऊदी अरब में युवाओं को बरगलाने के लिए गुर्गे छोड़ रखे हैं।
फरमान की घर वापसी से खुश हैं घरवाले
नांगलसोती/नजीबाबाद।
एटीएस द्वारा बृहस्पतिवार को पकड़े गए फरमान की वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई पर पुलिस प्रशासन का आभार प्रकट किया है। फरमान के परिजनों ने बताया कि वह दौलताबाद मदरसे में तीन वर्षों से रहकर दीनी शिक्षा ग्रहण कर रहा है।
मदरसे में ही रह रहे जैनुल आबेदीन से उसकी दोस्ती थी। जैनुल करीब एक वर्ष पहले मदरसा छोड़ चुका है, लेकिन मोबाइल पर मखवाड़ा निवासी जैनुल आबेदीन से उसकी अक्सर बातचीत होती रहती थी। फरमान ने बताया कि जैनुल आबेदीन अलीपुरा जट निवासी पेश इमाम मुफ्ती फैजान के संपर्क में था। इस वजह से एटीएस उसे नोएडा ले गई।
फरमान ने बताया कि एटीएस ने उससे जैनुल आबेदीन से संपर्क के बारे में जानकारी की। उसे किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया गया। उसने बताया कि एटीएस ने उसके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था जुटाई। पूछताछ के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फरमान के पिता नसीम अहमद सब्जी बेचकर अपना परिवार चलाते हैं।
उन्होंने बताया कि परिवार में 10 सदस्य हैं। किसी का भी गलत काम से ताल्लुक नहीं रहा। फरमान के पकड़े जाने की सूचना से परिवार को सदमा पहुंचा था, लेकिन यकीन था कि उनका बेटा किसी खुराफात में शामिल नहीं है। उसकी सकुशल वापसी से परिवार व पूरे गांव ने राहत की सांस ली है।