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शादी समारोह में मौजूद थे कातिल!

Tue, 05 Apr 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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एनआईए के डीएसपी की हत्या के मामले में वार्ता करते आईजी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद के कातिलों के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को अभी तक कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ नहीं लगा है। फिलहाल इस मामले की जांच तंजील की भांजी की शादी समारोह की वीडियो और सर्विलांस पर टिकी हुई है। जांच में जुटी टीमें शादी समारोह में आए नए चेहरों की तलाश भी कर रही है। ऐसा हो सकता है कि शादी समारोह में कातिल मौजूद रहे हों। शनिवार की रात घटनास्थल क्षेत्र में पांच-छह नए मोबाइल के सिम के इस्तेमाल होने की पुष्टि हो रही है। ये सिम किसने किस मकसद से इस्तेमाल किए इसकी जांच की जा रही है। एक स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में दोबाइकों की तस्वीर धुंधली नजर आ रही है। इससे जांच में पुलिस और अन्य टीमों को कोई खास मदद नही मिल पा रही है। 
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एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील के मर्डर की जांच में लगी तमाम सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस की उलझनें बढ़ गई हैं। इन टीमों की समझ में नहीं आ रहा कि डीएसपी का मर्डर किसने किस मकसद से किया है। इन टीमों की जांच अभी तक तंजील अहमद की भांजी की शादी की वीडियो से लेकर सर्विलांस से आगे नहीं बढ़ पाई है। सभी टीमें शादी की वीडियो खंगालने में जुटी हैं। शादी में आए नए चेहरों की तलाश भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक जांच टीमों को अंदेशा है कि डीएसपी के तंजील के कातिल शादी समारोह के आसपास मौजूद रहे होंगे। डीएसपी मोहम्मद तंजील के आसपास कौन चेहरे ज्यादा घूम रहे थे। ये चेहरे  किसके बुलावे पर शादी में आए थे। इन सभी तथ्यों की गहनता से जांच जारी है। 
इसके अलावा शादी समारोह में मोहम्मद तंजील से घुलकर बातचीत करने वालों को भी खंगाला जा रहा है।  सर्विलांस टीम घटनास्थल के आसपास प्रयोग किए गए नए पांच-छह सिमों पर बातचीत का ब्योरा भी खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक इलाके में इस रात करीब  53 मिनट मोबाइल पर वार्ता हुई। इनमें से छह सिम ऐसे रहे हैं जो कि हाल ही में लिए गए  हैं। सिम किन लोगों ने किस मकसद से इस्तेमाल किए है इसका पता करने में भी जांच टीम जुटी हैं। सिम लेने वालों के पते और व्यक्तियों की जांच की जा रही है। 
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पुलिस ने कुछ लोगों से इस मामले  में पूछताछ की है। जांच टीम सहसपुर रोड पर स्थित एमएम पब्लिक सेकेंड्री स्कूल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगालने में जुटी हैं। फुटेज में घटना से पहले दो बाइक जाती दिखाई दे रही है। इस पर कितने व्यक्ति सवार हैं, यह साफ दिखाई नहीं दे रहा। बाइकों के नंबर व इन पर सवार लोगों के चेहरे स्पष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। सभी तस्वीर धुंधली है, जिससे जांच टीम को खास मदद नहीं मिल पा रही है। जांच टीम इस तमाम कड़ियों को एक साथ जोड़कर कातिलों तक पहुंचने के प्रयास में  जुटी हैं। 

मेवा नवादा गांव पर लगा है बदनामी का दाग  
बिजनौर में सहसपुर इलाका नकली नोटों के कारोबारियों का गढ़ भी रहा है। नकली नोट के कारोबार से जुड़े कई लोग यहां से पकड़े जा चुके हैं। एनआईए टीम में रहते मोहम्मद तंजील नकली नोटों के मामले की जांच में जुटे रहते थे। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं नकली नोटों के सौदागरों ने तंजील को मौत के घाट तो नहीं उतारा। इसकी तहकीकात करने में टीमें जुटी हुई हैं। 
 एनआईए के डिप्टी एसपी मोहम्मद तंजील स्योहारा थाने के कसबा सहसपुर निवासी थे। सहसपुर उनका आना जाना लगा रहता था। सहसपुर से तीन किलोमीटर की दूरी पर मेवा नवादा गांव है। सहसपुर से होकर ही मेवा नवादा गांव सब आते जाते हैं। मेवा नवादा व सहसपुर  के लोग आपस में काफी घुले मिले रहते हैं। मेवा नवादा गांव नकली नोट के कारोबारियों को लेकर बदनाम रहा है। बाहर के लोगों की भी यहां खूब आवाजाही होती रही है। चार साल पहले एसटीएफ ने मेवा नवादा के याकूब अंसारी को अमरोहा से नकली नोटों के साथ दबोचा था। याकूब तब से अब तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पांच साल पहले गांव का साजिद भी नकली नोट का कारोबार करने में दबोचा गया था। साजिद के पास से बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए थे।  
ग्रामीणों के मुताबिक साजिद लखनऊ जेल में बंद है। मेवा नवादा का  कारी याकूब नाम का व्यक्ति कई साल पहले बाहरी टीम के छापा मारने के बाद फरार हो गया था, तब से वह गांव लौटा नहीं। कारी याकूब को जमीन निगल गई या असामान यह पता नहीं चल पाया है। याकूब पर आरोप था कि वह नेपाल के रास्ते नकली नोट लाता है। मुरादाबाद, अमरोहा समेत कई जिलों के लोग उसके गैंग से जुड़े रहे हैं।  मुरादाबाद में गैंग तक नकली नोट लाकर देने वाले को ये सदस्य भी नहीं जानते थे। नोट देने वाले ने कभी भी गैंग के सदस्यों को अपना नाम और पता सही नहीं बताया। पुलिस के हाथ भी यह व्यक्ति नहीं आया था। इस व्यक्ति को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई बार जाल भी बिछाया पर सफलता नही मिली। 
इसके अलावा कई साल पहले इलाके का एक व्यक्ति आईएसआई के एजेंट के रूप मे भी दबोचा गया था। मोहम्मद तंजील सहसपुर के रहने वाले थे। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक देशभर में नकली नोटों के मामलों की जांच उन पर रहती थी। लोगों को शक है कि कही नकली नोटों के सौदागारों ने एनआईए के डिप्टी एसपी को अपना निशाना तो नहीं बनाया। इसकी तहकीकात करने में टीम जुटी हुई है।

डीएसपी के मर्डर से सहसपुर में दहशत पसरी  
स्योहारा में एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील के मर्डर के बाद सहसपुर के लोग सहमे हुए हैं। पूरे क्षेत्र में दहशत पसरी हुई है। हत्याकांड को लेकर लोगों में गम और गुस्सा है। गांव में हर कोई ये जानने को उत्सुक रहा कि मर्डर किसने और क्यों किया।
मोहम्मद तंजील सहसपुर के रहने वाले थे। वहां उनका पुश्तैनी मकान है। मोहम्मद तंजील के मर्डर के बाद सहसपुर के लोग सहमे हुए हैं। इन लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि मर्डर किसने और क्यों किया है। मोहम्मद तंजील को जो लोग नजदीक से जानते हैं, वह उनकी तारीफ करते नहीं थकते। सोमवार को दुकान, चौराहों व घरों में लोग उनके मर्डर पर ही चर्चा करते हुए देखे गए। गांव के मोहम्मद तंजील के मकान में ताला लटका हुआ है। मंगलवार को उनका एक चचेरा भाई हसीब दिल्ली से गांव आया। कुछ गांव वालों ने चचेरे भाई से भी डीएसपी के मर्डर के बारे में चर्चा की। जिस स्थान पर मोहम्मद तंजील का मर्डर किया गया, उस स्थान पर भी गांव वालों ने कई कई बार जाकर देखा, लेकिन उनको मौके पर कुछ नहीं मिला। मोहम्मद तंजील की मौत पर लोग अलग अलग कयास लगा रहे हैं। ज्यादातर लोग इसे उनके मर्डर में आतंकियों का हाथ मान रहे हैं। कुछ लोग मर्डर में लोकल शूटरों का हाथ मानकर चल रहे हैं।

आखिर कहां गए शूटर
बिजनौर में एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील का मर्डर करने के बाद बाइक सवार शूटर कहां फरार हो गए यह सवाल सबको कुरेद रहा है। अनजान शूटरों का सहसपुर से अचानक निकलना किसी के गले नहीं उतर रहा है। इसलिए अधिकांश लोग लोकल शूटरों का इस मर्डर में हाथ मानकर चल रहे हैं, जो कि इलाके से पूरी तरह वाकिफ रहे हों।
एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील के मर्डर ने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। शूटर मर्डर करने के लिए सहसपुर की ओर से आए। वारदात को अंजाम देने के बाद सहसपुर की ओर ही भाग गए।  मोहम्मद तंजील के बेटे शाहबाज व बेटी जिमनिश व ताऊ मोहम्मद रागिब ने कार की रोशनी में शूटरों को भागते हुए देखा है। इसका जिक्र मोहम्मद रागिब ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में भी किया है। सब लोगों को यह सवाल कुरेद रहा है कि अगर आतंकियों ने घटना को अंजाम दिया है, तो वह इतनी आसानी से सहसपुर से नहीं निकल सकते हैं। सहसपुर में रात में एक बजे तक चहल पहल रहती है। चाय की कुछ दुकानें भी आधी रात के बाद तक खुली रहती हैं। पर किसी ने भी बाइक सवारों को इस दरिम्यान कस्बे से गुजरते हुए नहीं देखा। 
सहसपुर कस्बे के अंदर से एक रास्ता मुरादाबाद मार्ग व दूसरा रास्ता राजोपुर खादर के लिए निकलता है। इन रास्तों से ही कस्बे के अंदर से बाहर निकला जा सकता है। शूटर मर्डर करने के बाद अगर इन रास्तों से भागे, तो बाहर निकल गए होंगे। मगर, इसकी संभावनाएं बहुत कम हैं। शूटरों के सहसपुर या उसके आसपास के इलाके में छिपने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस मान रही है कि शूटर अगर लोकल  हैं, तो वह अपने ठिकाने पर आसानी से पहुंच गए होंगे। बाहर के हैं तो उनके साथ और भी साथी रहे होंगे, जिन्होंने उन्हें भगाने में मदद की होगी। सहसपुर के लोग बाहरी लोगों की कस्बे में आवाजाही की बात से इंकार रहे हैं। बाहरी लोग आते तो उनके चेहरे लोगों के जहन में जरूर होते, पर ऐसे कोई लोग उन्होंने इलाके में घूमते नहीं देखे।

पुलिस लोकल शूटर तो एनआईए आतंकी कनेक्शन की कर रही जांच 
 डीएसपी मोहम्मद तंजील के मर्डर की जांच में जुटी टीम अलग-अलग थीम पर जांच कर रही हैं। एनआईए की टीम जहां मर्डर में आतंकी कनेक्शन तलाश रही है, वहीं स्थानीय पुलिस लोकल शूटरों को खंगालने में जुटी है।
डीएसपी मोहम्मद तंजील का मर्डर किसने किया यह तस्वीर साफ नहीं हो रही है। तमाम सुरक्षा एजेंसी व पुलिस की टीम इस मर्डर के खुलासे में लगी हैं। एनआईए की टीम इसकी जांच पड़ताल में जुट गई है। एनआईए की टीम डीएसपी मर्डर में आतंकियों का हाथ मानकर चल रही है। आतंकियों का मर्डर में कनेक्शन तलाशने में यह टीम पूरी जद्दोजहद के साथ लगी है। वहीं, स्थानीय पुलिस इस बात की जांच पड़ताल में जुटी है कि कहीं लोकल शूटरों ने किसी वजह से मोहम्मद तंजील का मर्डर तो नहीं किया। मर्डर की क्या वजह रही। मोहम्मद तंजील से क्या रंजिश थी, इन सब बातों पर पुलिस काम कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि मोहम्मद तंजील का कभी इलाके के किसी व्यक्ति से कोई विवाद तो नहीं हुआ। कोई उनसे किसी बात पर रंजिश तो नहीं रखता था। ऐसी ही तमाम बातों पर पुलिस की जांच चल रही है। एसओ स्योहारा राजकुमार शर्मा के मुताबिक पुलिस केवल लोकल शूटरों की जांच कर रही है। आतंकियों से संबंधित जांच एनआईए की टीम कर रही है।

चैलेंज के रूप में लिया है डीएसपी कांड को :आईजी  
स्योहारा में आईजी बरेली रेंज विजय पाल मीणा ने कहा कि डीएसपी मोहम्मद तंजील के मर्डर को उन्होंने चैलेंज के रूप में लिया है। एसटीएफ, एनआईए की टीम संयुक्त रूप से इस मर्डर की जांच पड़ताल में लगी हुई हैं।
सोमवार को आईजी बरेली स्योहारा पहुंचे तथा घटनास्थल पर पहुंच कर इस हत्याकांड के संबंध में जांच पड़ताल की। उन्होंने कहा कि डीएसपी के मर्डर का कोई ऐसा क्लू अभी नहीं मिला है, जिससे कि कातिलों तक पहुंचा जा सके। कई जिलों की टीम मर्डर की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद तंजील की भांजी की शादी में बनी वीडियो की गहराई से जांच की जा रही है। वीडियो में दिखे दो संदिग्धों पर जांच एजेंसी की नजर ठहर गई है। आईजी ने बताया कि मर्डर के दौरान सहसपुर इलाके में 53 मोबाइल फोन जांच के दौरान एक्टिव पाए गए हैं। उनकी कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। उन्होंने मोहम्मद तंजील की हत्या में आतंकियों का हाथ होने से भी इंकार नहीं किया। कहा कि हत्या का कारण कुछ भी हो सकता है। इसे यूपी पुलिस ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। असली हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस की टीम लगी हैं। उन्होंने मीडिया से भी मर्डर में साक्ष्य जुटाने में सहयोग करने का आह्वान किया है। इस दौरान एसपी सुभाष सिंह बघेल, एसपी देहात डा.धर्मवीर सिंह, सीओ धामपुर अशोक यादव आदि मौजूद रहे।

तंजील की हत्या देश व प्रदेश के लिए चुनौती : नाईक
राज्यपाल राम नाईक ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए इसे देश व प्रदेश के लिए चुनौती बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तंजील की हत्या के बाद सूबे के आला प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के रवैये पर असंतोष जताते हुए राज्यपाल ने मुख्य सचिव से जवाब-तलब भी किया है।
राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि संवेदनशील पद पर काम करने वाले ऐसे अधिकारी की निर्ममतापूर्ण हत्या वास्तव में देश एवं प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है। इस कठिन घड़ी में सरकार के साथ-साथ पूरा देश उनके परिवार के साथ है। नाईक ने दिवंगत आत्मा की शांति के  लिए प्रार्थना करते हुए तंजील अहमद की घायल पत्नी फरजाना के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
मुख्य सचिव से जवाब-तलब
तंजील अहमद की हत्या के मामले में राज्य सरकार की संवेदनहीनता को लेकर भाजपा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर राज्यपाल ने मुख्य  सचिव आलोक रंजन से जवाब तलब किया है। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल से भेंट करके उन्हें ज्ञापन दिया जिसमें कहा गया है कि एनआईए के डिप्टी एसपी की हत्या पर प्रदेश सरकार, पुलिस और प्रशासनिक मुखिया की कोई टिप्पणी न आना सपा सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। भाजपा ने तंजील की हत्या की सूचना आने के बाद भी क्रिकेट खेलने और सार्वजनिक स्थल पर डीजीपी के साथ बैठकर मद्यपान करने वाले आला आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
राजभवन के  सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने इसे काफी गंभीरता से लिया है और भाजपा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन की प्रति मुख्य सचिव को भेजकर उनसे पूरे मामले पर सफाई मांगी है। राजभवन का मानना है कि एनआईए केएक अधिकारी की हत्या के बाद भी सरकार, प्रशासनिक व पुलिस प्रमुख की ओर से कोई प्रतिक्रिया न आना गंभीर मामला है और इससे यह साबित होता है कि सरकार और उसकी मशीनरी कानून-व्यवस्था को लेकर कितना संवेदनशील है? सूत्रों का कहना है कि आला अफसरों के इस रवैये से राज्यपाल आहत हैं और मुख्यमंत्री के विदेश से लौटने पर उनसे इस मामले पर बातचीत भी करेंगे।
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