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फरार होने में माहिर है शूटर मुनीर

Fri, 08 Apr 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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नूरपुर में डीएसपी तंजील के हत्यारों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में डिप्टी एसपी तंजील अहमद की हत्या के बाद पश्चिमी यूपी की पुलिस, एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियों के निशाने पर आए एएमयू के पूर्व छात्र शूटर मुनीर मेहताब का अभी कोई सुराग नहीं लगा। मगर उसके पिछले दो साल की फरारी पर गौर करें तो दिल्ली के पुलिस के लिए चुनौती भरे बटला हाउस-जामिया इलाके में शरण पाता है। 
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बिना मोबाइल और बिना किसी परिचित के संपर्क में रहे वह किसी दस्यु की तरह रहता है और खुद जरूरत आने पर किसी से भी मिलता है। आलमगीर की हत्या के बाद जब मुनीर को लेकर बटला-जामिया में खबरें मिलीं और टीम वहां पहुंची भी। मगर वहां का माहौल देख और सटीक सूचना न होने पर टीम हाथ खड़े कर लौट आई।एएमयू कैंपस में 9 सितंबर को आलमगीर की हत्या के बाद जब मुनीर की गिरफ्तारी को लेकर छात्रों के दबाव बना तो सिविल लाइंस पुलिस, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की मदद से उसकी गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किए। पुलिस ने मुखबिरों की मदद जो जानकारियां जुटाईं। उनसे यही पता चलता कि उसे आते-जाते जरूर देखा। मगर कहां रुकता है और कहां आता-जाता है, कुछ नहीं पता। काफी समय के प्रयास के बाद दिल्ली की लोकेशन ट्रैस हुई। मगर गिरफ्तारी में सफलता हाथ नहीं लगी। पीठ पर बैग और उसमें हथियारों व कारतूसों का जखीरा लेकर चलने वाला यह अपराधी बिना मोबाइल के ही चलता। जब उसे किसी से मिलना होता तो खुद पहुंच जाता।  
हाल यह रहा कि परिजनों या दोस्तों से भी दूरी बना लेता है। खुद एएमयू के ही दूसरे निलंबित छात्र व फहद हत्याकांड में उसके साथी आशुतोष मिश्रा से भी गिरफ्तारी के बाद वह आज तक नहीं मिला। मगर जेल से ही मिले उसके एक इशारे पर उसने आलमगीर को जरूर मार गिराया। इससे दहशत पैदा हो गई थी।
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मुनीर के एएमयू छात्र होने पर खड़ा हुआ विवाद
अलीगढ़। एएमयू के ही निलंबित लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा के दोस्त मुनीर का नाम कई साल की फरारी के बाद जब तंजील अहमद जैसे अफसर की हत्या से जुड़ा तो मुनीर के एएमयू छात्र होने पर ही विवाद खड़ा हो गया। एएमयू प्रॉक्टर ने अपने कार्यालय के 2007 तक के रिकार्ड के अनुसार उसे एएमयू का छात्र मानने से ही इंकार कर दिया। उनका कहना है कि उसने यहां कभी प्रवेश ही नहीं लिया। दावा यहां तक है कि हो सकता है कि एएमयू उसकी आपराधिक गतिविधियों का केंद्र रहा हो। इसलिए बाहर लोगों से बचने के लिए खुद को छात्र बताता हो। मगर एएमयू से जुड़े इस ग्रुप के छात्र इस बात पर नाइत्तफाकी जता रहे हैं। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मोहसीन खान से मुनीर को लेकर जब मीडिया जानकारी मांगी तो उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि मुनीर कभी एएमयू का छात्र नहीं रहा। उन्होंने अपने कार्यालय में मौजूद वर्ष 2007 तक के दस्तावेजों को इसके साक्ष्य के रूप में पेश किया। हालांकि एएमयू इंतजामिया के इस तर्क को आशुतोष मिश्रा व मुनीर गुट के छात्र मानने को तैयार नहीं हैं।

फरजाना से मिलने अस्पताल पहुंचे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती एनआईए के दिवंगत डिप्टी एसपी तंजील अहमद की पत्नी फरजाना की हालत में कोई सुधार नहीं है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। रविवार की तुलना में सोमवार को उनकी हालत में मामूली सुधार हुआ था लेकिन इसके बाद स्थिति जस की तस है। उनके बच्चे भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।
डॉक्टरों के मुताबिक फरजाना की हालत गंभीर बनी हुई है। वह आवाज देने पर कुछ सेकेंड के लिए आंखें खोलती हैं लेकिन फिर बंद कर लेती हैं। उनके हाथ पांव में कोई गतिविधि नहीं है। बता दें कि फरजाना को रविवार सुबह 6.10 बजे अस्पताल लाया गया था। करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद से वह दूसरी मंजिल पर स्थित न्यूरो आईसीयू में भर्ती हैं। 
गोली उनके पेट के अहम हिस्सों समेत छोटी और बड़ी आंत को फाड़ कर निकल गई थी। साथ ही उनके शरीर में काफी जख्म भी थे। डॉक्टरों ने बताया था कि आंतों के फट जाने की वजह से मल और अन्य हानिकारक पदार्थ पेट में फैल गए हैं, जिसके कारण उन्हें सेप्टीसीमिया हो गया है। 
बच्चों ने भी अपनी मां फरजाना के स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली। चिकित्सकों ने बच्चों को भरोसा जताया  कि वह उम्मीद रखें। उनके स्वास्थ्य पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।  बता दें कि शनिवार को बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर में भांजी के शादी समारोह से वैगनआर कार से लौटते वक्त बदमाशों ने फरजाना के पति की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में फरजाना को भी गोलियां लगी थी। 
बच्चों ने अपनी जान सीट के नीचे बैठकर बचाई थी। फरजाना को प्राथमिक चिकित्सा के बाद ही नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में रेफर कर दिया गया था, तभी से उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिवार के सदस्य और अन्य लोग खुदा से  फरजाना के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। अस्पताल में दिनभर फरजाना के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। हर कोई उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी चाहता है।
तंजील मर्डर की पहले ही लिख दी गई थी पटकथा
बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील के मर्डर को अंजाम देने के लिए मुनीर ने पहले ही ताना-बाना बुन लिया था। 
तंजील का मर्डर करने की पहले ही पटकथा लिख चुका मुनीर बेहद शातिर शूटर है। वेस्ट यूपी के बड़े शूटरों में  उसका नाम आता है। पुलिस के मुताबिक मुनीर ने पहले ही तंजील का मारने के लिए साजिश रची थी। कई बार तंजील को मारने की जगह तलाशी पर मौका नहीं मिला। मुनीर को जब मालूम हुआ कि भांजी की शादी में  शिरकत करने तंजील आ रहे हैं, तो उन्होंने  सहसपुर  के रास्ते में ही तंजील को मारने की ठान ली। तंजील से नाराज अपने दोस्त रय्यान व जैनी को भी अपने साथ जोड़ लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुनीर ने तंजील को मारने का सारा राज केवल रय्यान को ही बताया था। रय्यान ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन रात अचानक मुनीर गांव आया और अपने बाइक जैनी के पास छोड़कर उसकी बाइक पर चल दिया। रास्ते में उसने बताया कि तंजील को मारने आया है। रय्यान की इन बातों पर पुलिस  विश्वास नहीं कर रही। पुलिस की माने तो मुनीर मोबाइल पर भी किसी से बात नहीं करता। 
  मुनीर को पकड़ना टेढ़ी खीर
पुलिस के मुताबिक मुनीर शातिर अपराधी है। उसे पकड़ना आसान नहीं है। वह सहसपुर में भी नहीं आता जाता था। 
डेढ़ साल से उसे किसी ने गांव में नहीं देखा। कहां रहता है किसी को नहीं मालूम। दो साल से वह दो मर्डर में वांटेंड था। उसके पकड़े बिना अभी तक तंजील मर्डर के खुलासे की कहानी अधूरी है। 

मुनीर की गिरफ्तारी को चार प्रदेशों की खाक छान रही पुलिस
मुरादाबाद में एनआईए के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद के शरीर को 9 एमएम की पिस्टल से छलनी करने वाले हिस्ट्रीशीटर और एएमयू के पूर्व छात्र मुनीर की गिरफ्तारी के लिए लोकल पुलिस, एटीएस और एसटीएफ ने पूरी ताकत झोंक दी है। कई टीमें एक साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में छापेमारी कर रही हैं। इसके अलावा पकड़े गए मुनीर के साथियों और उसके परिजनों से जांच टीमें गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही हैं। मुनीर के साथियों ने बीते दिन ही हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुनीर और उसके दोस्त का नाम उगला था। लेकिन घटना की कड़ियां जोड़ना और मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। लिहाजा पुलिस अभी इस खुलासे को ऑन रिकार्ड नहीं लाई  है। इसलिए अफसर आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं, ताकि कोर्ट में केस कमजोर न पड़ने पाए। 
बिजनौर के सहसपुर गांव में शनिवार की रात एनआईए के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में जुटी पुलिस टीमें को पता चला था कि वारदात वाली रात गांव में हिस्ट्रीशीटर मुनीर अपने एक साथी के साथ घूम रहा था, लेकिन सुबह होते-होते दोनों गायब हो गए। पुलिस ने मुनीर का आपराधिक इतिहास खंगाला तो पता चला कि मुनीर अलीगढ़ के एएमयू का छात्र रहा है। उसने अलीगढ़ में कारोबारी फहद और छात्र आलमगीर की हत्या की थीं। दोनों वारदात में उसने 9 एमएम पिस्टल का ही इस्तेमाल किया था। जबकि तंजील का शरीर भी 9 एमएम से ही छलनी किया गया था। पुलिस ने मुनीर की गिरफ्तारी को जाल बिछा दिया है, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने सहसपुर निवासी उसके साथी रेहान, फैजाबाद निवासी आशुतोष मिश्रा और बिहार के अता उल्लाह खान समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। हत्या में प्रयुक्त हुई बाइक भी बरेली से बरामद की जा चुकी है। चारों ने पूछताछ में पुलिस को बताया दिया है कि उन्हें मुनीर ने ही बुलाया था, लेकिन उसकी डील किसी अन्य व्यक्ति से हुई थी। टीमें मुनीर की गिफ्तारी में लगीं हैं। एक साथ चार प्रदेशों में मुनीर की तलाश की जा रही है। साथ ही पुलिस को ये भी लाइन में मिली है कि कुछ दिन पहले बिजनौर में हुई लाखों रुपये की लूट में भी इसी गिरोह का हाथ है। लेकिन इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

दूसरी बार कार के जाने पर वह भी हट गए थे   
रय्यान ने पुलिस को बताया कि जब दूसरी बार तंजील की कार सहसपुर के लिए रिश्तेदार सुहेल लेकर गया. तो वह मुनीर के साथ शादी समारोह के सामने से हट गया। उन्हें मालूम था कि तंजील की कार को वापस आने में 20 से 25 मिनट लगेंगे। इतने समय तक वह स्योहारा में घूमते रहे पर किसी की उन पर या उनके इरादों पर नजर नहीं पड़ी। तीसरी बार कार जब तंजील लेकर चले, तो वह आ चुके थे। फिर वे कार के पीछे लग गए थे। फिर तंजील को मार डाला

सारी गोली मुनीर अकेले ने मारी
रय्यान ने पुलिस को बताया कि तंजील अहमद पर सारी गोलिया मुनीर ने दागी । इस दौरान वह जरा भी नहीं डरा। मर्डर करने के बाद आराम से निकल गया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए रययान व जैनी की पहले का कोई आपराधिक  रिकार्ड नहीं है । उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। 

करोड़ों की प्रॉपर्टी और निजी दुश्मनी बनी हत्या की वजह
बिजनौर में पुलिस महकमे की जांच में अब यह स्पष्ट हो गया है कि एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या दिल्ली में करोड़ों की प्रॉपर्टी और निजी दुश्मनी के कारण हुई है।  सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर टॉप शूटर मुनीर अहमद ने अपने दोस्तों के साथ घटना को अंजाम दिया। हत्या की मुख्य वजह दिल्ली की विवादित प्रॉपर्टी में मुनीर की हिस्सेदारी रही है। पुलिस ने तंजील मर्डर में शामिल मुनीर के दो दोस्तों को दबोचकर उनसे पूछताछ में सारा राज उगलवा लिया है। हत्या में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली गई है। वहीं, डीजीपी जावीद 
शुक्रवार को बिजनौर पहुंच रहे हैं। संभावना है कि डीजीपी यहां घटना के खुलासे का बयान दे दें। 
तंजील की शनिवार रात स्योहारा में भांजी की शादी से कार से सहसपुर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने पिस्टल व रिवाल्वर से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पत्नी फरजाना भी घायल हो गई थीं। उनका नोएडा के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। तंजील की हत्या में पहले आतंकियों का हाथ माना जा रहा था। एनआईए की टीम मर्डर में आतंकियों का हाथ होने और पुलिस किसी लोकल गैंग को शक के दायरे में लेेते हुए जांच में जुटी थी। पुलिस को तंजील की हत्या के खुलासे में बड़ी सफलता मिल गई है।
 पुलिस ने मर्डर में शामिल सहसपुर निवासी मिस्त्री शहादत के पुत्र रय्यान और खुर्शीद अनवर के पुत्र जैनी को दबोच लिया है। दोनों ने सारी कहानी उगल दी है। रय्यान तंजील के बहनोई जकावत के भाई शहादत का बेटा है। जकावत दिल्ली में कपड़े की दुकान करता है। रय्यान और जैनी ने पुलिस को बताया कि दिल्ली में जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के पास एक व्यक्ति की कई करोड़ की जमीन पर तंजील ने कब्जा कर लिया था। उस व्यक्ति का नाम उसे नहीं मालूम है। सहसपुर का शूटर मुनीर भी दिल्ली में जामिया मिलिया के पास रह रहा था। विवादित प्रॉपर्टी में उस व्यक्ति की मुनीर से मुलाकात हो गई। मुनीर ने तंजील को प्रॉपर्टी से हटाने के लिए उनका खात्मा करने के ठान ली। उस व्यक्ति ने विवादित जमीन में मुनीर की हिस्सेदारी कर ली।
मुनीर ने तंजील के मर्डर का ताना-बाना बुनने लगा। गांव के ही अपने दोस्त रय्यान से बात की। मुनीर को मालूम था कि तंजील अपनी भांजी की शादी में स्योहारा जरूर जाएंगे। शादी में ही तंजील का मर्डर करने साजिश रच गई। शनिवार की रात करीब 8-9 बजे मुनीर सहसपुर आया। सड़क पर उसे रय्यान मिला। मुनीर ने अपनी बाइक दूसरे दोस्त जैनी के पास खड़ी कर दी। पिस्टल व रिवाल्वर निकाल कर बैग भी जैनी को दे दिया। रय्यान की बाइक से दोनों स्योहारा में जिस बैंक्वेट हॉल में तंजील की भांजी की शादी थी, उसके सामने एक दुकान पर आकर खड़े हो गए।
रात करीब एक बजे तंजील व उनका भाई रागिब दोनों अपनी कारों से बैंक्वेट हॉल से निकले, तो मुनीर व रय्यान ने बाइक रागिब की कार के पीछे लगा दी। तंजील अपनी कार तेज चला रहे थे। यह देख रय्यान ने बाइक रागिब की कार से आगे निकाल कर तंजील की कार के पीछे लगा दी। पुलिया के पास कार की गति धीमी होने पर रय्यान ने बाइक उनकी कार से आगे निकाल कर ड्राइविंग सीट की साइड ले गया। मुनीर ने कार ड्राइव कर रहे तंजील पर पिस्टल से गोलियां बरसा दी। इसके बाद मुनीर ने रय्यान से रिवाल्वर लिया और फिर गोलियां बरसा दी। रागिब की पीछे से कार आती देख दोनों सहसपुर की ओर फरार हो गए।
रय्यान ने पुलिस को बताया कि जैनी से मुनीर ने अपनी बाइक , बैग लिया और रात में ही अकेला भाग निकला। रय्यान ने पुलिस को बताया कि तंजील ने एक बार उसकी फूफी से बदसलूकी की थी और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कराई थी। रय्यान ने यह भी बताया कि सहसपुर के उसके एक दोस्त की चार बीघा जमीन के मामले में तंजील ने उसके दोस्त के विरोधियों का साथ देकर जमीन पर कब्जा कराया था। इन बातों से रय्यान भी तंजील अहमद से नाराज चला रहा था। वह अपमान का बदला लेना चाहता था। सूत्रों की मानें तो एटीएस व एसटीएफ दोनों ही जांच एजेंसियों की टीमें मुनीर तक पहुंचने के लिए उसके नजदीकियों के नंबर सर्विलांस पर ले लिए हैं। इसके अलावा उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस मामले की पड़ताल को लेकर अभी कोई औपचारिक वक्तव्य इसलिए नहीं दिया जा रहा है क्योंकि असली शूटर अभी हाथ नहीं लग सके हैं और मुनीर के पास ही हत्या में प्रयुक्त असलहे हैं।

पुलिस की थ्योरी को एनआईए नहीं दे रहा तवज्जो 
नई दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अपने डिप्टी एसपी तंजील अहमद की निर्मम हत्या की जांच में यूपी पुलिस की आपसी रंजिश की थ्योरी को फिलहाल तवज्जो नहीं दे रही है। एनआईए के मुताबिक, जब तक यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) अपनी थ्योरी को साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य नहीं ढूंढ पाती तब तक इस हत्या की सभी संभावनाओं पर उनकी जांच चलती रहेगी। आतंकवाद भी उनमें से एक है। हालांकि, यूपी पुलिस की ओर से अब तक इस बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों ने बताया कि हिरासत में रेहान नाम के जिस शख्स से पूछताछ चल रही है, वह तंजील का दूर का रिश्तेदार है। मुनीर नाम के जिस शख्स ने तंजील पर गोली चलाई थी वह फरार है। मुनीर हिस्ट्रीशीटर है। सूत्रों के मुताबिक, यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पूरा मामला सिर्फ प्रॉपर्टी से संबंधित है या रंजिश की कोई और भी वजह है क्योंकि तंजील अहमद को जितनी गोलियां मारी गईं, वैसा आमतौर पर नहीं होता।
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