बिजनौर में पुलिस को शक है कि डॉन बनने की चाहत में नजीबाबाद के बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब का कत्ल शाहनवाज ने ही कराया है। पुलिस घटना को अंजाम देने वाले शूटरों तक पहुंच गई है। मेरठ व मुजफ्फरनगर के शूटरों ने घटना को अंजाम दिया। एक स्थानीय शूटर भी इनके साथ रहा। पुलिस की कई टीमें शूटरों को दबोचने के लिए निकली है।
मंगलवार को नजीबाबाद में हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब को शूटरों ने उनके कॉम्प्लैक्स के कार्यालय में ही गोलियों से भून डाला था। नजीबाबाद की एक करोड़ों की जमीन को कब्जाने को लेकर हाजी अहसान विवादों में आ गया था। साथ के प्रॉपर्टी डीलरों से भी उनकी ठन गई थी। गांव कनकपुर का शाहनवाज व मुजफ्फरनगर का अजमल पहाड़ी दोनों ही हाजी अहसान को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शाहनवाज ने दो साल पहले हाजी अहसान को धमकाकर उससे पांच लाख रुपये भी वसूले थे। रुपये न देने पर खात्मा करने की धमकी दी थी। हाजी अहसान ने शाहनवाज को काबू करने के लिए खूब जाल बिछाया, पर उसमें सफल नहीं हुआ। अजमल पहाड़ी से हाजी अहसान की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। सूत्र कहते हैं कि उससे खूब हत्याएं कराईं पर कोई पैसा नहीं दिया। पिछले दिनों गाजियाबाद में रंगदारी के मामले में जब अजमल पहाड़ी दबोचा गया तो उसने रंगदारी मंगवाने में हाजी अहसान का नाम लिया था। शाहनवाज चाहता था कि हाजी अहसान को मारकर वह नजीबाबाद का डॉन बन जाए। शाहनवाज व अजमल पहाड़ी हाजी अहसान को ठिकाने लगाने के लिए वेस्ट यूपी के कई बड़े गैंग की भी मदद ले रहे थे। यह बात पुलिस भी जानती है। पुलिस हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब को ठिकाने लगाने वाले शूटरों तक पहुंच गई है। पुलिस की मानें तो मेरठ व मुजफ्फरनगर के शूटरों ने दोनों की हत्या की। एक स्थानीय शूटर उनकी मदद के लिए रहा। पुलिस शाहनवाज की तलाश में जुटी है पर वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। अजमल पहाड़ी गाजियाबाद की डासना जेल में सलाखों के पीछे है। पुलिस को पूरी तरह शक है कि शाहनवाज ने ही हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या कराई है। किसी बड़े प्रॉपर्टी डीलर ने शाहनवाज को इस काम को अंजाम देने के लिए उसके सिर पर हाथ रख दिया। यह प्रॉपर्टी डीलर कौन है पुलिस पता लगाने में जुटी है।