मनोज हत्या कांड के पकड़े गए एक शूटर से पूछताछ करते एसपी।
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बिजनौर में दो माह पहले प्रॉपर्टी डीलर मनोज राणा का मर्डर शातिर अपराधी उधम सिंह और कपिल कटार गैंग के बीच चल रही गैंगवार के चलते हुआ था। मनोज राणा मेरठ जेल में बंद कपिल कटार की हत्या कराना चाहता था। लेकिन ऐसा होे से पहले वह खुद ही निशाना बन गया।
इस हत्याकांड में पुलिस ने दो पेशेवर शूटरों को दबोचा है, जबकि एक आरोपी फरार हो गया है। पकड़े गए बदमाशों ने यह भी खुलासा किया कि 11 दिन पहले शामली जिले के एक पूर्व प्रधान की हत्या गोलियां बरसाकर की थी। मनोज मर्डर केस में जिले का एक व्यवसायी अरुण कबाड़ी भी मुख्य रूप से शामिल रहा है।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक हत्याकांड में चल रही छानबीन के बीच एक सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस ने ईदगाह रोड के पास बाग में मुठभेड़ के दौरान मेरठ जिले के मवाना थाने के गांव निलोहा निवासी अनुभव उर्फ नंदू जाट पुत्र विनोद कुमार और मुजफ्फरनगर जिले के गांव तितावी निवासी रूपक उर्फ राहुल पुत्र विनोद कुमार को दबोचा। इनका एक साथी बुलंदशहर जिले के थाना औरंगाबाद के गांव इस्माईला निवासी अमित ठाकुर मौके से भाग निकला। पकड़े गए दोनों शूटर पेशेवर हैं।
दोनों पर शामली पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। एसपी के मुताबिक पकड़े गए शूटर अनुभव ने बताया कि 22 जुलाई को बिजनौर के मोहल्ला नई बस्ती में विपिन टेलर की दुकान पर मनोज राणा की हत्या उसने अपने साथी अमित ठाकुर और बिजनौर निवासी पूर्व सभासद कृष्ण गोपाल आर्य उर्फ पप्पू के पुत्र वरुण के साथ मिलकर की थी। मर्डर के दौरान सीसीटीवी फुटेज में अनुभव की स्पष्ट रूप से पहचान हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि मनोज राणा वेस्ट यूपी के शातिर अपराधी उधम सिंह के गैंग से जुड़ा था। उधम सिंह लखनऊ जेल में बंद है।
शूटरों के मुताबिक मनोज काे गोली मारने के बाद वह उसकी 32 बोर पिस्टल ले गए थे। पुलिस जांच रही है कि मर्डर में इस्तेमाल की गई पिस्टल यही थी या दूसरी।