बिजनौर। कोर्ट के आदेश पर आतंकियों के मददगारों के केस की सुनवाई लखनऊ की एनआईए कोर्ट में होगी। बिजनौर जेल में बंद आतंकियों के पांचों मददगारों को एक सप्ताह के भीतर लखनऊ जेल में शिफ्ट किया जाएगा। लखनऊ की एनआईए कोर्ट में मददगारों की सात सितंबर को पेशी होगी। जिला जेल में आज आदेश पहुंचा है।
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में 12 सितंबर 2014 को लीलो देवी के मकान में बम बनाते समय विस्फोट होने से एक आतंकी महबूब झुलस गया था। आतंकी विस्फोट के बाद फरार हो गया था। तीन आतंकी मोहल्ला जाटान में व तीन आतंकी मोहल्ला भाटान में किराए का मकान लेकर रह रहे थे।
विस्फोट के बाद यह आतंकी उमरी गांव में भी छिपे रहे थे। पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की लाख कोशिश के बाद भी आतंकी नहीं पकड़े गए। पुलिस ने आतंकियों की मददगार उमरी गांव की हुस्ना, उसके भाई नदीम, बिजनौर के मोहल्ला भाटान निवासी रईस, उसके पुत्र अब्दुल्ला व कस्बा झालू के फुरकान को डेटोनेटर, बम बनाने के सामान व मोटी रकम के साथ दबोचा था।
उमरी गांव की हुस्ना इन आतंकियों से काफी घुली मिली थी। मोहल्ला भाटान में रईस के मकान में आतंकियों से नीचे वाले कमरे में रहती थी। बिजनौर से फरार आतंकियों के सरगना एजाजुद्दीन व असलम तेलंगाना राज्य में पिछले दिनों पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।
बाकी आतंकियों का कुछ पता नहीं चला। आतंकियों के मददगारों के केस की सुनवाई बिजनौर के एडीजे कोर्ट नंबर तीन में चल रही थी। एनआईए की टीम आतंकियों से जुड़े केस की दोबारा से जांच कर रही है। कोर्ट ने केस फाइलों को लखनऊ एनआईए कोर्ट में भेजा था। केस फाइल इस आधार पर बिजनौर वापस आ गई थी कि राज्य सरकार या हाईकोर्ट का कोई आदेश इस मामले में लखनऊ में सुनवाई के लिए नहीं था।
साथ ही एनआईए कोर्ट नंबर तीन में जज की निुयक्ति भी नहीं थी। हाईकोर्ट ने लखनऊ की एनआईए के केस की सुनवाई के लिए गठित कोर्ट नंबर तीन में न्यायाधीश नीलकंठ सहाय की नियुक्ति की गई है।
बिजनौर के एडीजे संदीप जैन ने इस केस से संबंधित पत्रावलियों व आरोपियों को सात सितंबर को लखनऊ कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। उधर, जेल में आतंकियों के मददगारों को एक सप्ताह के भीतर लखनऊ जेल में शिफ्ट करने का आदेश पहुंचते ही जेल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जेलर आकाश शर्मा के मुताबिक आतंकियों के मददगार पेशी से एक दिन पहले छह सितंबर को रवाना होंगे।