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मुनीम की हत्या से व्यापारियों में गुस्सा

Wed, 01 Jun 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नूरपुर
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मुनीम की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिनदहाडे़ हुई मुनीम की हत्या से व्यापारियों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया। व्यापारियों ने कहा कि यहां अब कोई सुरक्षित नहीं है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मुनीम के हत्यारों के शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उधर, मुनीम की हत्या से परिवार में कोहराम मच गया।   
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जिले में हत्या व लूट की यह पहली कोई घटना नहीं है। इससे पहले भी बदमाश इस तरह की घटना को अंजाम दे चुके हैं। मई 2011 में बदमाशों ने इसी तरह की घटना को अंजाम देते हुए मुरादाबाद रोड स्थित शांति ट्रेडर्स के स्वामी उमेश यादव को गोली मारकर करीब चार लाख रुपये लूट लिए थे।

उमेश यादव की बाद में मुरादाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। करीब 15 वर्ष पूर्व अमरोहा मार्ग गांव लिंडरपुर के पास परमार्थ स्टील फैक्ट्री के मुनीम व कार चालक को गोली मारकर 18 लाख रुपये की लूट हुई थी। 
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कार में 20 लाख से अधिक कैश था ः मंगलवार को परमार्थ फ्लोर मिल के मुनीम से लूटपाट करने वाले बदमाश केवल 2.40 लाख रुपये ही लूट पाए, जबकि कार में चांदपुर से वसूली किया हुआ 20 लाख रुपये से अधिक कैश भी मौजूद था। प्रत्येक मंगलवार को महेशचंद शर्मा वसूली करने नूरपुर आते थे। नूरपुर आने से पूर्व चांदपुर में भी कई व्यापारियों से मुनीम ने वसूली की थी। नूरपुर में भी उन्हें दो तीन जगह और वसूली करनी थी।

उन्होंने इसकी शुरुआत आरके ट्रेडर्स से की और वहीं पर घटना हो गई। लोगों में चर्चा है कि लूट करने वाले बदमाशों को शायद कार में और कैश होने की जानकारी नहीं थी अन्यथा वह उसे नहीं छोड़ते। पुलिस ने कार से कैश निकालकर मौके पर पहुंचे मिल स्वामी को सौंप दिया। उधर, आसपास के दुकानदारों ने बताया कि दोनों बदमाशों के चेहरे खुले थे और उनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के आसपास थी। 

महेश ने किसी का क्या बिगाड़ा था
मिल के मुनीम महेशचंद शर्मा मूलरूप से रेहड़ थाने के गांव सादकपुर के निवासी थे। वह काफी दिनों से परिवार के साथ बिजनौर स्थित कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। मुनीम की मौत से घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। परिवार के सदस्य बार बार रोते  हुए यही कह रहे थे कि महेश ने किसी का क्या बिगाड़ा था।
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