बिजनौर मे पंजाब की नाभा जेल से फरार कैदी बिजनौर से रामपुर तक तराई और खादर क्षेत्र में पनाह ले सकते हैं। सिख आतंकवाद के दौरान भी आतंकियों ने इन क्षेत्रों को ठिकाना बना रखा था। इन इलाकों में सिखों के डेरे हैं। पंजाब के लोगों के इन डेरों से तार जुड़े हुए हैं। कैदियों के इन इलाकों में पनाह लेने की संभावना से जिले की पुलिस अलर्ट हो गई है।
रविवार को पंजाब की नाभा जेल से हथियारबंद बदमाश जेल में बंद मिंटू, कश्मीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह, अमन दीप सिंह और कुलप्रीत सिंह को भगा ले गए थे। मिंटू व कश्मीर सिंह आतंकी है। जेल से कैदियों को भगाने वाला पलविंदर को शामली में पुलिस ने हथियारों के साथ दबोच लिया था। आतंकी मिंटू दिल्ली में पकड़ा गया। बाकी पांच फरार कैदी कहां गए उनका पता नहीं चला है। जिले का नजीबाबाद, बढ़ापुर , रेहड़ , अफजलगढ़ इलाका तराई का क्षेत्र है। बालावाली से लेकर जलीलपुर तक गंगा का खादर क्षेत्र है। अफजलगढ़ से आगे काशीपुर तक का इलाका भी तराई का है। रामपुर जिले तक तराई का क्षेत्र लगता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ डेरे आतंकियों के ठिकानों के लिए भी इस्तेमाल होते आए हैं। डेरों पर पनाह नहीं देने वालों को मौत की नींद सुला दिया जाता था। कई सिख आतंकी इन डेरों से दबोचे गए थे। जिले के कई सिख भी इनके संपर्क में रहकर आतंकी बन गए थे। उन्होंने ने भी हथियार उठा लिए थे। अभी भी चोरी से छिपने के लिए मुफीद है। पुलिस को शक है कि फरार कैदियों के तराई व खादर के डेरों वालों से संबंध हो सकते हैं। पुलिस ने मंगलवार को कुछ लोगों से इस सिलसिले में पूछताछ भी की थी पर कुछ नहीं मिला था। आईबी की टीम ने भी कई जगहों को खंगाला। पुलिस व टीम को शक है कैदी वेश बदलकर भी इन इलाकों में भी पनाह ले सकते हैं। एसपी देहात डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक खादर के इलाकों मेें पुलिस को अलर्ट कर दिया है।