बिजनौर में हत्या के एक आरोपी को बचाने के मामले में कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह और हैड कांस्टेबल आशाराम पर गाज गिर गई है। एसपी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है।
कोतवालीदेहात के गांव कृतोनंगली के तालाब पर 15 मई 2017 को गर्दन कटा एक शव मिला था। शव दिल्ली के थाना ज्योतिनगर ईस्ट गोकलपुर अमर कॉलोनी निवासी जसवंत सिंह का था। जसवंत सिंह के घर के पास डेयरी माहेश्वरी निवासी मुन्ना रहता था। मुन्ना ने जसवंत से रुपये उधार ले रखे थे। रुपये का तकादा करने पर मुन्ना ने शराब के नशे में कोतवालीदेहात इलाके में जसवंत को लाकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने 24 सितंबर को हत्या का खुलासा कर मुन्ना को दबोच लिया था। मुन्ना की पत्नी ने एसपी से मिलकर शिकायत की थी उसके पति को हत्याकांड से बचाने के नाम पर कोतवालीदेहात पुलिस ने सवा लाख रुपये लिए हैं। एसपी ने सीओ नगीना महेश कुमार को जांच सौंपी थी। जांच में पाया गया कि कोतवालीदेहात के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह व हैड कांस्टेबल आशाराम ने मिलकर यह रकम ली है। एसपी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने अपने पीआरओ पंकज तोमर को कोतवालीदेहात का थानाध्यक्ष बनाया है।
चोरी की बाइक के साथ दो चोर दबोचा
बिजनौर। पुलिस ने प्रदर्शनी चौक के पास से गांव बुरहानुद्दीनपुर निवासी शमून, फरमान को चोरी की दो बाइक, तमंचे व चाकू के साथ दबोचा है। दोनों शातिर चोर हैं। दोनों पर चोरी के दस से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा है।