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धर्मांतरण के मसले पर दल्लीवाला में बखेड़ा

Sun, 22 Jan 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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गांव भूतपुरी में धर्म परिवर्तन को लेकर जानकारी करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़ में धर्मांतरण के मसले पर गांव दल्लीवाला में रविवार को बखेड़ा खड़ा हो गया। हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गांव में पहुुंच कर सत्संग को रुकवा दिया। धार्मिक पुस्तक को बरामद कर पुलिस को सौंप दिया। हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि सत्संग होने से उन्हें कोई गुरेज नहीं है। हालांकि सत्संग के नाम पर किसी धर्मांतरण कतई नहीं होने देंगे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। कोतवाल राजकुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया जांच में धर्मांतरण जैसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
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हिंदू युवा वाहिनी के मंडल  प्रभारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने उनके संज्ञान में लाया कि अफजलगढ़ के गांव दल्लीवाला में पिछले कई सालों से गांव में ईसाई मिशनरी से जुड़ा एक परिवार  सत्संग कराकर   लोगों का धर्मांतरण कराने में सक्रिय है। आरोप लगाया कि अब तक कई लोग ईसाई बन भी चुके हैं। इस गांव में प्रत्येक रविवार को भजन-कीर्तन किया जाता है। एक धर्मग्रंथ के जरिये एक धर्म का प्रचार प्रसार करने पर जोर  दिया जाता है। इस सूचना पर डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि वह टीम के साथ रविवार को जब गांव में पहुंचे, तो  गांव में भूदेव सिंह सैनी के घर पर सत्संग चल रहा था। बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे। भजन-कीर्तन चल रहा था। 
हिंदू यूवा वाहिनी के लोगों ने सत्संग को रुकवाते हुए भारत माता की जयकारे के गगनभेदी नारे लगवाने शुरू कर दिए। इससे कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने पुलिस को मामले से अवगत करा दिया। कुछ ही देर में पुलिस भी गांव में पहुंच गई । पुलिस ने गांव में पहुंच कर करीब 30-40 लोगों के बयान दर्ज किए। 
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इस मौके पर गांव मुरलीवाला के संजीव कुमार ने बताया कि सत्संग धर्मांतरण करने को लेकर नहीं हो रहा है। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहा है। वह सत्संग में बीमारी से छुटकारा के लिए जाता है। उसे बगैर दवाई के आराम भी है। भक्त चंद्रपाल सिंह, लक्ष्मी देवी, सतीश कुमार, राजेश कुमार, टीकम सिंह, सुमन , बंटी, सविता, अनीता, मितान सिंह, ओमप्रकाश सिंह, गीता देवी आदि ने भी ऐसा ही दोहराया। इन सभी का कहना है था कि उनके ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है।  गांव के लोगों ने बताया कि गांव की भूदेव सिंह व उनकी पत्नी मिथलेश देवी इस  प्रकार का सत्संग पिछले कई सालों से करती आ रही है। 
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