बिजनौर में सीजेएम अपर्णा पांडे ने दहेज उत्पीड़न में महिला के पति व सास-ससुर को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
बिजनौर के मोहल्ला लडापुर निवासी शबाना खातून ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका निकाह 13 जून 2000 नजीबाबाद के गांव समीपुर निवासी अब्दुल रहमान के साथ हुआ था। उसके पति व ससुराल वाले निकाह में मिले दहेज से खुश नहीं थे, तथा बीस हजार रुपये नगद, कलर टीवी व मोटर साइकिल की मांग करते थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 10 मई 2003 को उसके पति ने उसे चाकुओं से व सास-ससुर ने डंडो व लात घुसों से मारपीट घायल कर उसे व उसके बच्चों को घर से निकाल दिया था। वह वहां से बिजनौर आई, उसके पिता ने उसका मेडिकल कराया। अदालत ने इस मामले में पति अब्दुल रहमान, ससुर शेरखां व सास अकीला को दहेज उत्पीड़न व मारपीट का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।