बिजनौर के हल्दौर में तीन किसानों को क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया रुकवाने के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका डालना महंगा पड़ गया। न्यायालय ने तीनों किसानों पर चकबंदी प्रक्रिया में रुकावट पैदा करने के आरोप में 25-25 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का आदेश जारी किया है।
हल्दौर और आसपास के कई गांव के अंतर्गत 60 सेक्टरों में चकबंदी होनी थी। कुछ किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया का विरोध किया। 52 सेक्टरों में चकबंदी हो गई, जबकि आठ सेक्टर चकबंदी होने से वंचित रह गए। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व स्थानीय किसान धर्मेंद्र कुमार, सूरज सिंह और विजय पाल सिंह ने उच्च न्यायालय में क्षेत्र में चकबंदी प्रक्रिया रुकवाने के संबंध में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त तीनों किसानों पर चकबंदी प्रक्रिया में अवरोध पैदा करने के आरोप में 25- 25 हजार रुपये का जुर्माना ड़ाला है। न्यायालय ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर तीनों किसानों से वसूली करने के आदेश दिए है।
इतना ही नहीं न्यायालय ने महज तीन माह के भीतर जुर्माने की अदायगी न होने पर किसानों की जमीन नीलाम कर वसूली करने के आदेश भी जारी किया है। न्यायालय के इस आदेश की खबर सुनकर चकबंदी विरोधी किसानों में हड़कंप मच गया और चकबंदी होने की आशा लगाये बैठे किसानों में अपने खेत व्यवस्थित होने की उम्मीद जाग गई है। स्थानीय चकबंदी समिति के अध्यक्ष रामौतार सिंह ने कोर्ट के इस आदेश की सराहना की है। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघवरन सिंह ने उक्त न्यायालय आदेश पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है।