बिजनौर। सूबे में आतंकियों से जुडे़ केस की सुनवाई अब लोकल अदालत में नहीं होगी। सभी केस की सुनवाई लखनऊ में गठित एनआईए कोर्ट में होगी। हाईकोर्ट ने इस बारे में आदेश जारी किया है। सभी पुलिस प्रमुखों को हाईकोर्ट का आदेश भेजा।
सूबे में आतंकियों से जुड़े केस की सुनवाई लोकल अदालत में होती थी। इसके लिए किसी विशेष अदालत का इंतजाम नहीं था। एनआईए की टीम ने बिजनौर से फरार आतंकियों से जुड़े केस को जांच के दौरान लखनऊ स्थानांतरित कराने की कोशिश की।
बिजनौर की एडीजे कोर्ट नंबर तीन में चल रहे आतंकियों से जुड़े केस की फाइल को लखनऊ कोर्ट भेजा, लेकिन फाइल वापस बिजनौर यह कहकर भेज दी गई कि राज्य सरकार या हाईकोर्ट का इस बारे में कोई आदेश नहीं मिला है। 30 अगस्त को हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद आतंकियों के मददगारों के केस से जुड़ी फाइल को लखनऊ की एनआईए कोर्ट नंबर तीन में भेजा।
बिजनौर जेल में बंद आतंकियों के पांचों मददगारों को भी लखनऊ जेल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने एनआईए केस की सुनवाई के लिए गठित कोर्ट में न्यायाधीश नीलकंठ सहाय की नियुक्ति कर दी।
हाईकोर्ट ने शासन को आदेश दिए कि सूबे के आतंकियों से जुड़े सभी केसों की सुनवाई अब लखनऊ की एनआईए कोर्ट नंबर तीन में होगी। शासन की ओर से हाईकोर्ट के इस बारे में आए आदेश को सभी पुलिस प्रमुखों को भेजा।