कोतवाली देहात। शनिवार रात ग्राम हुसैनाबाद के पास दूधिया की हत्या के बाद रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचने पर परिजन और ग्रामीण गुस्सा गए।
उन्होंने शव को हाईवे 74 पर रखकर जाम लगा दिया। यहां पहुंचे पुलिस अफसरों से हत्यारों की गिरफ्तारी और परिवार को मुआवजे की मांग उठाई।
अफसरों के आश्वासन के बाद ढाई घंटे बाद जाम खोला। थाना कोतवाली क्षेत्र के हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद निवासी 35 वर्षीय इरफान अहमद की बदमाशों ने एक ढाबे पर गोली मार दी थी। इरफान को गंभीर हालत में मेरठ ले जाते समय उसकी रास्ते में मृत्यु हो गई थी।
घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश आसानी से फरार हो गए थे। पुलिस ने मृतक के भाई इशरार की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
रविवार दोपहर दो बजे जैसे ही उसका शव गांव में पहुंचा तो मृतक के परिजन और ग्रामीण गुस्सा गए। उन्होंने शव को घर के सामने हाईवे 74 पर रखकर जाम लगा दिया। जाम से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष कोतवाली देहात संजय तोमर इंस्पेक्टर नगीना आदर्श त्यागी, इंस्पेक्टर आर एन पवार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। भीड़ ने साफ कह दिया कि पुलिस ने अभी तक हत्यारे नहीं पकड़े।
न ही पीड़ित परिवार को मुआवजे का कोई भरोसा दिया है, इसलिए वह जाम नहीं खोलेेंगे। माहौल गर्माता देख एसडीएम प्रदीप सिंह और सीओ गमलेेेश्वर विक्टोरिया मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिजनों को दुर्घटना बीमा समेत शासन स्तर से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
सीओ ने उन्हें भरोसा दिया कि पुलिस हत्यारों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार करेगी। काफी प्रयासों के करीब ढाई घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला और शव को कब्रिस्तान में दफनाने को ले गए।