बिजनौर। एडीजे ओपी वर्मा ने दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने एवं उस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पति सहित चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता महफूज चौधरी के अनुसार कस्बा नूरपुर के मोहल्ला गांधी नगर निवासी दीन दयाल सिंह की पुत्र तरुणा का विवाह दो दिसंबर 2010 को मेरठ के थाना इंचौली के गांव रजुपुरा निवासी अमित के साथ हुआ था। शादी में मिले दहेज से पति और ससुराल वाले खुश नहीं थे। इसके लिए तरुणा को प्रताड़ित करते थे। उससे पांच लाख रुपये और प्लॉट खरीदवाने की मांग की जाती थी। 21 अप्रेल 2013 को उस पर मायके से पांच लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाया गया। तरुणा ने मना कर दिया। मारपीट कर पति और ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। 27 अप्रैल 2013 को माफी मांग कर ससुराल वाले अपने साथ ले गए। वापस ले जाते समय रास्ते में भी तरुणा से कार और रुपयों की मांग की गई। विरोध करने पर उसे कार से नीचे गिरा दिया गया। यहीं नहीं, पति अमित ने गले में रस्सी डाल कर गला दबाने की कोशिश भी की। इस घटना में तरुणा की सास कमलेश, नंद रश्मि और अंजलि ने भी अमित का साथ दिया। चाकू से भी वार किया गया। बाद में घायल तरुणा को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। पता चलने पर मायके वालों की ओर से वाद दायर किया गया था। इस मामले में अदालत ने महिला के पति अमित, सास कमलेश, नंद रश्मि और अंजलि को तरुणा दहेज के लिए प्रताड़ित करने , उससे दहेज मांगने और मारपीट कर जानलेवा हमला करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।