बिजनौर में जिला एवं सत्र न्यायधीश सुभाष चंद ने गैरइरादतन हत्या व मारपीट के मामले में चार आरोपियों को दस-दस साल के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना धामपुर के गांव बसेड़ा खुर्द निवासी दिलखुश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार नवंबर 2013 की रात्रि में गोवर्धन पूजा के बाद वह और परिवार के सभी
लोग घर में सो रहे थे। रात्रि करीब साढ़े दस बजे उसकी भाभी ममता घर के बाहर लघुशंका के लिए गई। इस दौरान गांव के ही राजन, रवि, लाल सिंह व बेगराज हुड़दंग मचाते हुए जा रहे थे। राजन उसकी भाभी से बदतमीजी करने लगा। गाली देने और पकड़कर खींचने पर भाभी ने शोर मचाया तो वह, उसकी मां और अन्य परिजन पहुंचे। आरोपियों ने उन्हें भी गाली देनी शुरू कर दी।
उसकी मां लीलावती भाभी ममता को छुड़ाने लगीं तो आरोपी राजन ने उनके सिर पर नल के हत्थे से वार कर दिया। आरोपियों ने उसकी भाभी व भाई वीनेश आदि से भी मारपीट की। घायल लीलावती ने मेरठ ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। भाभी ममता, भाई वीनेश को भी चोटें आईं। शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार, अदालत ने चारों आरोपियों राजन, रवि, लाल सिंह व बेगराज को लीलावती की गैरइरादतन हत्या व अन्य से मारपीट का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
दलित महिला से मारपीट में दो वर्ष कैद
बिजनौर में एडीजे संदीप जैन ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व मारपीट करने के तीन आरोपियों को दो दो वर्ष के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता गंगाराम के अनुसार, थाना नूरपुर के गांव पुरैना निवासी दलित महिला कृष्णा देवी पुत्री मीनू के साथ जंगल में गेहूं काटने गई थी। उसके गांव के प्रताप, सत्यपाल व रामअवतार ने उनको जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और चाकू तथा सरिये से वार कर घायल कर दिया।