रायपुरसादात में बासी भोजन खाने से एक ही परिवार के छह लोगों की हालत बिगड़ गई। विषाक्त भोजन के कारण सभी को उल्टी-दस्त होने लगी। इससे घर में अफरातफरी का आलम हो गया। परिवार के सदस्यों ने पहले बीमार लोगों को निजी चिकित्सक को दिखाया। आधी रात को सेहत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर सभी को मेरठ मेडिकल में रेफर किया गया है।
नगीना देहात के गांव लाडपुर चंद्रा में शनिवार को एक परिवार में किसी समारोह की दावत थी। कढ़ी, उड़द व चावल बनाए गए थे। गांव के दयाराम का परिवार भी दावत में शामिल हुआ। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दयाराम के घर पर रात को दावत में बचा हुआ खाना भिजवाया गया। सभी परिजनों ने रात को भी कढ़ी, उड़द और चावल ही खाए। रात को करीब दस बजे सभी परिवार वालों की हालत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त होने लगा। दयाराम, उसकी पत्नी शांति देवी, बेटा कृष्ण अवतार, पुत्रवधू निर्मला और पोता-पोती हर्षित व शिवानी फूड प्वॉयजनिंग के शिकार हो गए। उनको निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, लेकिन इलाज के बाद भी आराम नहीं हुआ। आधी रात को ही गांव वाले उनको जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने सभी की हालत गंभीर देखते हुए शीघ्र मेडिकल मेरठ रेफर कर दिया।