रेहड़ में गांव के रूपचंद पुत्र प्रसादी ने पुलिस में कोर्ट के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में बताया कि छह जुुलाई 2016 को गांव के एक व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा करने के विरोध में अपने परिजनों के साथ मिलकर उसके घर पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ हमला बोल दिया था। हमले में रूपचंद, तारा देवी, सरोज देवी लहूलुहान हो गई थी। आरोप है कि पुलिस में भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। बल्कि उसे ही डराया धमकाया गया। न्याय के लिए पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गांव के नीरज, विनोद, तेजपाल, वीरेंद्र, शीशदेवी, सुषमा देवी और सरिता के विरुद्घ जानलेवा हमले करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसओ नरेशपाल सिंह का कहना है कि जांच कर आरोपियों के विरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।