बिजनौर में खाद्य विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों का नमूना फेल होने पर नोटिसों का व्यापारियों के जवाब नहीं देने पर अफसरों ने सख्ती का मूड बना लिया है। विभाग ने ऐसे व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर कर दिया है।
खाद्य विभाग ने जिलेभर में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के लिए नमूने लिए थे। इसमें कोतवाली देहात में स्थित सचिन विश्नोई की मिष्ठान की दुकान से सफेद रसगुल्ले, नजीबाबाद में इंजीडेस के रायता बूंदी व मटर चना , संदीप कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह के यहां से अरहर की दाल , राजेंद्र सिंह के यहां से दूध , भागूवाल से शकील के यहां से बर्फी , बिजनौर में घंटाघर के निकट इकबाल अहमद के दुकान से बूंदी का लड्डू के नमूने लिए थे। इसके अलावा नई बस्ती से बहाजुद्दीन यहां से हल्दी, गांव पृथ्वीपुर से घसीटा के यहां दूध , गांव कामराजपुर के इल्यास के यहां सफेद रसगुल्ले का नमूना भरा था।
खाद्य विभाग की टीम ने तैय्यब की दुकान से बर्फी , नहटौर के मुहल्ला शेखान से सरतार अहमद, फुरकान, फकरे आलम, किरतपुर के मोहल्ला पूर्वी लाडपुर में प्रमोद कुमार, अफजलगढ़ के अब्दुल हमीद के यहां से रसगुल्ले का नमूना भरा था। धामपुर के मोहल्ला बाड़वान से नरेश अग्रवाल की बर्फी, शेरकोट में शरीफ अहमद के यहां से दूध का नमूना लिए गए थे। विभाग के अभिहित अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि सभी नमूने गोरखपुर की प्रयोगशाला में फेल पाए गए। व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि व्यापारियों द्वारा एक महीना बीत जाने के बाद भी विभाग को नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया गया है।