नहटौर के बैरमाबाद गढ़ी में लूटपाट के बाद डरा सहमा परिवार।
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नहटौर के गांव बैरमाबाद गढ़ी में बदमाशों ने बच्चे को गन प्वाइंट पर परिजनों को बंधकर बनाकर लूटपाट की। बदमाश करीब तीन घंटे तक घर में आतंक मचाते रहे। जाते समय बच्चों सहित महिलाओं को एक कमरे में बंद करके फरार हो गए। पड़ोसियों ने परिवार को बंधन मुक्त कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का मुआयना किया।
गांव बैरमाबाद गढ़ी निवासी इश्तियाक अहमद, अशफाक, महबूब पुत्रगण मोहम्मद इशहाक दिल्ली में कार्य करते है। उनका घर गांव के बाहरी छोर पर है। अशफाक की पत्नी रोशन जहां अपने बच्चे के अलावा सास रईसा के साथ गांव में ही रहती है। बाकी सदस्य दिल्ली में रहते है। रोशनजहां का भाई भी रिश्तेदारी में आया हुआ था। वह भी उनके साथ कमरे में सोया हुआ था। रोशन जहां के मुताबिक मंगलवार की रात करीब एक बजे तीन बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुस गए। दो बदमाशों ने नकाब लगा रखा था। बदमाशों ने बरामदे में सो रही रईसा को तमंचों से आतंकित करते हुए रोशन जहां के कमरे का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद तीनों बदमाशों ने दोनों महिलाओं सहित रोशनजहां के भाई और बच्चों को आतंकित करते हुए घर में लूटपाट करनी शुरू कर दी। एक छोटे बच्चे के रोने पर उसे गन प्वाइंट पर लेकर घर में कीमती सामान की जानकारी ली। बदमाशों ने रोशनजहां से छह सौ रुपये, एक मोबाइल लूटने के बाद इश्तियाक और महबूब के कमरों के ताले तोड़कर सामान समेट लिया।
लूटपाट करने के बाद बदमाश घर में मौजूद सभी सदस्यों को एक कमरे में बंद करके फरार हो गए। रोशन जहां ने किसी तरह से एक अन्य मोबाइल से पति को सूचना दी। पति की सूचना पर पड़ोसियों ने कमरे को खोलकर परिवार को बंधन मुक्त कराया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मौका मुआयना किया।
एसएसआई मदन मोहन चतुर्वेदी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तीनों भाई दिल्ली से घर आ रहे है। उनके आने पर ही लूट में गए सामान का पता चल सकेगा।