मालन नदी पर अवैध भरान देखते तहसीलदार।
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बिजनौर के नजीबाबाद में मालन नदी के जल प्रवाह को मिट्टी के भराव से अवरुद्ध करने की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने मौके पर जाकर जांच की। इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल से भी जवाब तलब किया गया है।
नजीबाबाद के मालन नदी रपटा तथा हरिद्वार मार्ग स्थित मालन नदी पुल के बीच अलीपुरा मौजा में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध भराव किया जा रहा था। भाजपा नेताओं ने डीएम और एसडीएम को शुक्रवार को अवैध भराव से मालन नदी का जल प्रवाह प्रभावित होने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। डीएम सुजीत कुमार ने तहसील को मामले की जांच के निर्देश दिए। एसडीएम उमेश कुमार मिश्र ने तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार को राजस्व कर्मचारियों के साथ जांच के लिए पहुंचे तहसीलदार उस समय असमंजस में पड़ गए जब मालन नदी क्षेत्र में उन्होंने 10 से 12 फीट चौड़ाई और काफी ज्यादा लंबाई में मिट्टी का अवैध भराव देखा।
प्रथम दृष्टया जांच में मिट्टी से मालन नदी की जल धारा प्रभावित होने तथा मालन नदी की भूमि में भराव का मामला पकड़ा गया है। जांच टीम ने मिट्टी का भराव कराने वाले बिजनौर निवासी असलम से फोन पर संपर्क किया तो उसने भूमि नजीबाबाद के चिकित्सक विपिन के होने की बात कहते हुए स्वयं मिट्टी के भरान का ठेका लेने की बात कही। प्रशासन ने मिट्टी के अवैध भराव को तत्काल रोकते हुए चिकित्सक और मिट्टी का भराव कर रहे असलम को तलब किया है। लेखपाल तेजपाल सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिट्टी हटाने के दिए निर्देश
नजीबाबाद। एसडीएम उमेश कुमार मिश्र ने कहा कि मालन नदी के जल प्रवाह को प्रभावित करने वाली मिट्टी तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में मालन नदी के रकबा क्षेत्र की भी जांच होगी। उन्होंने कहा कि मालन नदी की जमीन पर किसी भू-माफिया को काबिज नहीं होने दिया जाएगा।