आरपीएफ के जवान को कोर्ट ले जाती मेघालय की पुलिस।
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बिजनौर। छुट्टी न देने के विवाद में डिप्टी एसपी को गोली से उड़ाने के आरोपी आरपीएफ के जवान को मेघालय पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से बिजनौर के जिला अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। सीजेएम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस आरोपी को मेघालय ले गई है। आरोपी जवान की हाईकोर्ट मेघालय से जमानत निरस्त हो गई थी।
मुजफ्फरनगर जिले के छपार थाना क्षेत्र के गांव बसेड़ा निवासी सुनील देशवाल का पुत्र अर्जुन देशवाल आरपीएफ का जवान है। उसे 18 फरवरी 2018 को मेघालय में हुए विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने के लिए भेजा गया था। इस दौरान अर्जुन ने मेघालय के डीएसपी एमपी त्यागी से छुट्टी मांगी तो उन्होंने इंकार कर दिया। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर उसने डीएसपी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मेघालय के शिलांग थाने में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मेघालय पुलिस ने उसे मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में सेशन कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। हाल ही में मेघालय हाईकोर्ट ने उसकी जमानत को निरस्त कर दिया था। इसके बाद मेघालय पुलिस उसकी तलाश में लगी थी, पर वह हत्थे नहीं चढ़ रहा था।
मेघालय के शिलांग क्षेत्र डीएसपी डी भट्टाचार्य और इंस्पेक्टर युवराज सिंह पुलिस बल के साथ अर्जुन की तलाश में बुधवार को उसके गांव बसेड़ा पहुंचे तो पता चला कि वह बिजनौर के जिला अस्पताल में भर्ती है। वहां उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस की मदद से मेघालय पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आरोपी अर्जुन को दबोच लिया। उसे सीजेएम उदयवीर सिंह की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अनुमति मिलने के बाद मेघालय पुलिस उसे अपने साथ मेघालय ले गई। शहर कोतवाल बिजेंद्र पाल राणा के मुताबिक मेघालय पुलिस अर्जुन देशवाल को अपने साथ मेघालय ले गई है। जमानत निरस्त होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में थी।
डिप्रेशन का शिकार है अर्जुन
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक अर्जुन देशवाल डिप्रेशन का शिकार है। शनिवार से वह जिला अस्पताल में भर्ती था। उसका उपचार चल रहा था। वह तनाव से बाहर नहीं आ पा रहा था।