बिजनौर । जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने दीप कुमार हत्याकांड में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार थाना नगीना के गांव हुर्रनंगला निवासी सुशील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 अक्तूबर 2010 को वह और उसके परिवार के प्रमोद कुमार, रामकुमार, अमित कुमार और अमित के पिता दीप कुमार उसके घर के सामने सुबह लगभग आठ बजे चबूतरे पर बैठे आपस में बात कर रहे थे। गांव के हुकम सिंह, उसका भाई सूरज सिंह, हुकम सिंह के बेटे सतेंद्र सिंह और योगेंद्र सिंह, सूरज सिंह के लड़के जितेंद्र और कपेंद्र, सुभाष रंजिश के चलते लाठी-डंडा, बंदूक और तमंचे लेकर वहां आए और गाली गलौज करने लगे। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
सतेंद्र ने देशी बंदूक से फायर किया। गोली दीप कुमार के सीने में लगी। आरोपियों ने लाठी-डंडों से उन सभी से मारपीट की। गोली लगने से घायल दीप कुमार को सरकारी अस्पताल नगीना लाया गया। वहां दीप कुमार को मृत घोषित कर दिया गया। केस की सुनवाई के दौरान सुभाष और सूरज की मौत हो गई। अदालत ने दीप कुमार की हत्या और अन्य लोगों पर जानलेवा हमला करने का दोषी पाते हुए हुकम सिंह व उसके दो पुत्रों सतेंद्र व योगेंद्र, व सूरज सिंह के दो बेटों जितेंद्र और कपेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गैस की कालाबाजारी करने वाले की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। स्पेशल जज वेदपाल सिंह ने गैस की कालाबाजारी कर रहे आरोपी प्रिंस की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता पंकज चौहान के मुताबिक जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में 16 नवंबर 2017 को दोपहर में करीब सवा दो बजे धामपुर के मोहल्ला महल सराय स्थित गोदाम पर छापा मारा गया। छापे के दौरान आरोपी प्रिंस निवासी हरेवली गैस के अवैध रूप से छोटे सिलेंडरों में गैस भरता हुआ पाया गया। टीम ने मौके से 19 किलो के 13 सिलेंडर, 14 घरेलू सिलेंडर, दो किलो के तीन, पांच किलो के छह, 58 गैस रिफिलिंग यंत्र आदि बरामद हुए थे। गोदाम में अवैध रूप से छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर गैस की कालाबाजारी की जा रही थी। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए प्रिंस की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। वहीं कोर्ट ने अवैध रूप से आटा चक्की चला रहे लोलित निवासी मंडावली की जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है।