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वाहन पलटने से कांवड़िए की मौत

Fri, 09 Feb 2018 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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अमरोहा में विलाप करते मृतक पंकज के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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मंडावली में राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमरोहा का कांवड़िया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से एक कांवड़िए की मौत हो गई, जबकि करीब 20 से 25 कांवड़िए घायल हो गए। घायलों को बिजनौर, मुरादाबाद और मेरठ रेफर किया गया है। घायल एक कांवड़िए की हालत गंभीर बताई गई है। उधर, कांवड़िए का शव घर पहुंचने से परिवार में कोहराम मच गया। युवक पांच बहनों का इकलौता भाई था।
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अमरोहा के गांव पीरगढ़ निवासी शिवभक्तों का जत्था कांवड़िया वाहन (डीसीएम ) से कांवड़ लेने हरिद्वार जा रहा था। बृहस्पतिवार देर रात करीब 11:30 बजे नजीबाबाद से करीब 12 किलोमीटर दूर मीरमपुरबेगा क्षेत्र में एक कार को साइड देते समय कांवड़िया वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे वाहन में सवार करीब 20 से 25 कांवड़ियों को चोटें आईं। तीन कांवड़ियों को गंभीर चोटें आने पर मंडावली पुलिस ने उन्हें तत्काल नजीबाबाद के प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
हादसे में गंभीर चोटें आने पर एक कांवड़िए की मौत हो गई। मृतक की पहचान पीरगढ़ (अमरोहा) निवासी लालू सिंह के युवा पुत्र पंकज (20) के रूप में हुई। मंडावली पुलिस और साथी कांवड़ियों ने दुखद घटना की सूचना पंकज के परिजनों को दी। उधर, गंभीर रूप से घायल तीन कांवड़ियों ऋतिक, नितिन व मुकेश को बिजनौर रेफर किया गया। वहां से मुकेश को मेरठ रेफर कर दिया गया, जबकि कुछ घायल कांवड़ियों को इलाज के लिए मुरादाबाद भेजा गया है। 
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कांवड़िया जत्थे में शामिल जिन शिवभक्तों को चोटें आईं, उनमें राहुल, कमल, जोगेंद्र, नितिन, मुकेश, कैलाश, गजराज, अनिल, शुभम, रोहन, नीतू, अजय, दीपक, अभिषेक, सुंदर, रवि, चंद्रावती, विशाल, योगेंद्र, राजकुमार शामिल बताए गए हैं। कार चालक घटना के बाद घटनास्थल पर कार छोड़कर फरार हो गया। सुनील सैनी की ओर से कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने कार (डीएल 3सीएस 7670) को कब्जे में ले लिया।
19 मार्च को गूंजनी थी शहनाई
नजीबाबाद। मजदूरपेशा लालू सिंह के परिवार में 19 मार्च को शहनाई गूंजनी थी। परिजन पंकज की शादी की तैयारी में जुटे थे। पंकज का मन था कि शादी से पहले वह हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आए। पंकज की इच्छा को परवान चढ़ाते हुए परिजनों ने उसे खुशी-खुशी घर से रवाना किया था। उन्हें नहीं मालूम था कि अगले ही दिन उनके घर आंगन में चीखों और विलाप का कोलाहल होगा। युवा पंकज पांच बहनों का इकलौता भाई था। चार बहनों की शादी हो चुकी है। पंकज की मौत से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।
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