शेरकोट में लोगों को समझाती पुलिस।
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बिजनौर के शेरकोट में मारपीट के मामले में गिरफ्तारी न होने से नाराज हिंदू रक्षा सेना के जिला महामंत्री धर्म परिवर्तन की धमकी देते हुए परिवार के साथ मैन बाजार स्थित अली मस्जिद पहुंच गए। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए पीड़ित को समझाकर घर भेज दिया।
मोहल्ला समना सराय निवासी रंजीत सिंह ने बताया कि वह सोमवार को मोहल्ले के ही सुमित के साथ रात को लगभग दस बजे अस्पताल से वापस घर आ रहा था। जब वह टेंपो स्टैंड के निकट पहुंचा तो अंशुल रस्तौगी निवासी मोहल्ला वीरथला व परीक्षित त्यागी उर्फ बंटी उसकी बाइक रोककर गाली गलौच करने लगे। जब दोनों ने गाली गलौच का विरोध किया तो आरोपियों ने दोनों को लाठी डंडों से बुरी तरह से पीटा। शोर मचाने पर लोगों को आता देख आरोपी फरार हो गए।
घटना को लेकर रंजीत ने पुलिस से दोनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस को तहरीर दी थी। रंजीत सिंह ने बताया कि वह मंगलवार देर शाम अपने घर बैठा था। पुलिस उसके घर पहुंची और उस पर उल्टा झगड़ा करने का आरोप लगाते हुए जबरन थाने ले जाने की कोशिश करने लगी। जिस से क्षुब्ध होकर दलित रंजीत अपने बच्चों व पत्नी को लेकर देर रात अली मस्जिद के गेट पर पहुंच गया। मुस्लिम लोगों से धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। इस बात का पता चलते ही सामाजिक व धार्मिक संगठनों में हड़कंप मच गया। धार्मिक संगठन मौके पर पहुंच गए। पुलिस भी धर्म परिवर्तन की सूचना पर मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने दलित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उसे घर भेज दिया। कस्बा इंचार्ज रामकुमार का कहना है कि एक आरोपी परीक्षित त्यागी उर्फ बंटी का गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। वहीं, दूसरे की भी तलाश की जा रही है। शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी। घटना में शामिल एक व्यक्ति हिंदू जागरण मंच का नगराध्यक्ष बताया जाता है। वहीं, हिंदू रक्षा सेना के मंडल संयोजक अमिष रस्तोगी का कहना है कि घटना दु:खद है, पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाएगा।