नजीबाबाद में पूर्व प्रधान की कार से लाखों रुपये चोरी करने वाले एक चोर को नजीबाबाद पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर चोरी गई रकम और सामान बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक ने सीओ नजीबाबाद और पुलिस टीम की पीठ थपथपाई।
बीरूवाला के पूर्व प्रधान इकबाल सिंह 11 जून को एसबीआई मुख्य शाखा में अपने खाते से 10 लाख रुपये निकालकर घर लौट रहे थे। उन्होंने रास्ते में एक लाख रुपये का भुगतान खाद प्रतिष्ठान पर किया था। कोटद्वार मार्ग पर प्रतिष्ठान से कुछ आगे बढ़ते ही बाइक सवार दो युवकों ने पूर्व प्रधान को उनकी कार से तेल रिसने की सूचना दी थी। पूर्व प्रधान के कार से बाहर निकलते ही युवक कार में रखा नौ लाख रुपये की नगदी से भरा बैग चोरी कर फरार हो गए थे। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने घटना को चैलेंज के रूप में लिया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला। सुराग मिलते ही सीओ नजीबाबाद अरुण कुमार सिंह पुलिस टीम लेकर दिल्ली रवाना हो गए थे। दिल्ली के थाना आंबेडकर नगर के मदनगीर क्षेत्र से पुलिस ने करीब 15 वर्षीय एक किशोर को दबोचा। पुलिस टीम ने उसके पास से 8.40 लाख रुपये, बैग में रखी चेकबुक, पासबुक, जमीन की फर्द और पूर्व प्रधान की निजी डायरी बरामद की। सीओ आरोपी को साथ लेकर बिजनौर पहुंचे।
सीओ से अपडेट लेकर एसपी उमेश सिंह ने घटना का खुलासा किया। सीओ के अनुसार पूछताछ में ने बताया कि घटना में उसका साथी शिवा पुत्र करन सिंह भी शामिल था। वह भी मदनगीर (दिल्ली) का रहने वाला है।
हालांकि दोनों मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं। दिल्ली में रहकर वे दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में इस तरह की आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। उन्होंने दिसंबर में किरतपुर के सरकारी अस्पताल के नजदीक से दो लाख रुपये भी लूटे थे।
पुलिस का अनुमान सही निकला
नजीबाबाद। पुलिस को आशंका थी कि गैर जनपद और गैर राज्य के आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जनपद बिजनौर क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही हुआ। मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले बदमाश दिल्ली में अस्थायी रूप से रहकर 300 किलोमीटर के दायरे में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि पकड़े गए किशोर के खिलाफ वर्ष 2017 में लूट और 2018 में चोरी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस उसके साथी की तलाश में जुटी है।