बिजनौर। वेस्ट यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए तैयार की जा रही हथियारों की खेप को पुलिस ने पकड़ा है। स्योहारा थाने के सहसपुर में छापा मारकर पुलिस ने अवैध रूप से हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है।
यहां से 32 बोर के दो रिवॉल्वर समेत 30 तमंचे और एक बंदूक के साथ हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। अवैध फैक्ट्री चलाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक मुजफ्फरनगर दंगों में भी इस फैक्ट्री से शस्त्र भेजे गए थे।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक विधानसभा चुनाव के लिए स्योहारा थाने के सहसपुर कस्बे में एक मकान में चल रही फैक्ट्री में अवैध रूप से हथियार तैयार किए जा रहे थे। स्योहारा पुलिस के साथ स्वॉट टीम को इसकी भनक लगी।
पुलिस ने संयुक्त रूप से सहसपुर निवासी नईम के घर पर छापा मारा। फैक्ट्री से पुलिस ने 12 बोर की एक बंदूक, 12 तमंचे, 315 बोर के 14 तमंचे, 32 बोर का एक तमंचा, 32 बोर के दो रिवॉल्वर, 16 अधबनी नाल और काफी संख्या में अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण और आठ खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
फैक्ट्री सहसपुर के मोहल्ला शेखान निवासी नईम अहमद के घर में चल रही थी। नईम के अलावा नजीबाबाद क्षेत्र के जलालाबाद कस्बे के मोहल्ला गुलजार निवासी शमशाद उर्फ गज्जू को भी दबोचा है। एसपी ने बताया कि यह हथियार वेस्ट यूपी के चुनाव में खलल डालने के लिए तैयार किए जा रहे थे। हथियारों की खेप वेस्ट यूपी में कई जगह पहुंचाई जानी थी। उन्होंने बताया कि 12 बोर और 315 बोर का तमंचा छह हजार रुपये और 32 बोर का रिवाल्वर 20 हजार रुपये में बेचते थे। बिजनौर जिले और गैर राज्यों में भी फैक्ट्री से हथियार सप्लाई करने की जानकारी मिली है।
पकड़े गए नईम पर दो और शमशाद पर विभिन्न मामलों में 11 मुकदमे दर्ज हैं। नईम अवैध हथियार बनाने में माहिर है। वह पहले भी जेल जा चुका है। आईजी बरेली विजय सिंह मीणा ने असलाह फैक्ट्री पकड़ने वाली टीम में शामिल एसओ स्योहारा शिशुपाल शर्मा, दरोगा रमेश बाबू, रामप्रकाश सिंह, कमलेश सिंह, स्वॉट टीम के प्रभारी वीरेंद्र सिंह, दरोगा फतह सिंह, सिपाही अनुराग चौधरी समेत पूरी टीम को 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।