महिला की मौत पर उसकी मासूम बेटी के साथ रोती एक रिश्तेदार।
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बिजनौर में एक महिला की मौत पर परिजनों ने रीता नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया। महिला के परिजनों ने डॉक्टर एवं स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हालांकि डॉक्टर ने लापरवाही वाली बात को सिरे से नकार दिया। परिजनों की ओर से डॉ. रीता त्यागी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
मंडावली थाना क्षेत्र के गांव सिकरौड़ा निवासी राहुल कुमार ने पत्नी उजाला (35) को शुक्रवार को रीता नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक करीब छह माह पूर्व उजाला के ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई थी। अचानक ऑपरेशन के कुछ दिन बाद उसके टांकों में पीड़ा होने लगी। इस पर परिजनों ने उसे अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने परिजनों से उसके पेट में गांठ बताते हुए टांके टूटने की बात कही और दोबारा ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार हो गए।
शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे डॉक्टर ने उजाला का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बार-बार बुलाने के बाद भी कोई डॉक्टर या स्टाफ महिला को देखने नहीं पहुंचा। काफी देर बाद डॉक्टर ने स्टाफ नर्स से उजाला को नींद का इंजेक्शन लगवा दिया। इसके बाद से महिला रात भर सोती रही। इंजेक्शन का असर खत्म होने के बाद उसे फिर से पीड़ा होने लगी। डॉक्टर रीता त्यागी फिर भी उजाला को देखने नहीं आईं। देखते ही देखते उसके मुंह से झाग आने लगे। महिला के पिता ब्रिजेश सिंह और पति राहुल कुमार का आरोप है कि डॉ. रीता त्यागी की लापरवाही से उनके मरीज की जान गई है। हालांकि डा. रीता त्यागी ने लापरवाही के आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि हर घंटे बाद वह उजाला का हाल जानती रहीं। शहर कोतवाल बिजेंद्र पाल राणा के मुताबिक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। महिला के परिजनों ने डॉ. रीता त्यागी के खिलाफ मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच की जा रही है।