चांदपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ गांव चेहला में छापेमारी कर मिलावटी दूध बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा है। टीम ने मिलावटी दूध बनाने का करीब तीन लाख से अधिक का कच्चा माल जब्त किया है। टीम ने जांच के लिए नमूने भी लिए हैं।
शनिवार को सूचना पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम ने गांव चेहला में कलीम अहमद के मकान पर छापामारा। छापेमारी में उन्हें मिलावटी दूध बनाने की फैक्ट्री मिली। टीम को फैक्ट्री से तैयार दूध मिला। टीम ने मौके से कलीम अहमद समेत दो को हिरासत में लिया है।
टीम ने फैक्ट्री से 100 लीटर तैयार दूध, 40 लीटर रिफाइन मिक्सप, सात लीटर ग्लूकोज व 50 लीटर अध बने दूध को नष्ट कराया है। टीम ने कलीम अहमद की निशानदेही पर कराल रोड स्थित गोदाम पर छापेमारी की। गोदाम से टीम को कर 190 कट्टे ग्लूकोज, 750 किलोग्राम ग्लूकोज लिक्विड, एक क्विंटल रिफाइन, एक बोतल डीमिक्स (डिटरजेंट) बरामद किया गया। टीम द्वारा मिलावटी दूध बनाने के गोदाम को सीज कर दिया है। टीम के अनुसार करीब तीन लाख से अधिक कीमत का सामान जब्त कर 17 हजार कीमत का सामान नष्ट कराया गया है। टीम ने गोदाम से मिली खाद्य सामग्री के कई नमूने भी लिए हैं। खाद्य सुरक्षा सुरक्षा अधिकारी पीके जैन, जगदंबा प्रसाद, मोहित चौधरी, एसएसआई चंद्रवीर सिंह, एसआई सहसवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
25 रुपये प्रति लीटर कमाते थे मिलावटखोर
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदंबा प्रसाद ने बताया कि मिलावटी दूध बनाने में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर का खर्च आता है। इस प्रकार तैयार मिलावटी दूध बाजार में 40 रुपये प्रति लीटर बिकता है। इससे मिलावट करने वालों को 20 से 25 रुपये प्रति लीटर की बचत हो जाती थी।
कई शहरों में जाता है मिलावटी दूूध
मिलावट खोरों मिलावटी दूध को बिजनौर, नजीबाबाद, अमरोहा, हल्दौर, गजरौला, मुरादाबाद में सप्लाई करते थे। इन शहरों में कमीशन पर एजेंट नियुक्त कर रखे थे।
बच्चों के लिए जानलेवा है मिलावटी दूध
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.राजकुमार ने बताया कि मिलावटी दूध बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके सेवन से बच्चों में पेट, आंत व जिगर की गंभीर बीमारी हो सकती है। लगातार मिलावटी दूध का इस्तेमाल करने से गंभीर बीमारी हो जाती है।