बिजनौर में शिवाला कलां थाने के गांव रुस्तमपुर ढाकी में एक परिवार के बच्चों ने परिजनों की गैर मौजूदगी में आतिशबाजी के लिए लाकर रखे गए पोटाश और गंधक को पीसकर आतिशबाजी का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पीसते समय हुए जबर्दस्त विस्फोट से चार चचेरे भाई बहनों समेत पांच मासूम बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें बिजनौर जिला अस्पताल से मेरठ रेफर कर दिया गया।
पुलिस को मामले की जानकारी नहीं दी गई थी।
ग्रामीणों के मुताबिक शिवाला कला थाने के गांव रूस्तमपुर ढाकी निवासी शीशपाल नामक व्यक्ति ने दीपावली पर आतिशबाजी के लिए अपने घर में गंधक और पोटाश लाकर रखा हुआ था। गंधक और पोटाश को पीसकर उसे एक हथौड़ी में भरकर धमाका करते हैं।
रविवार शाम को शीशपाल और उसका भाई करन दोनों जंगल में चले गए। उनके जंगल में चले जाने के बाद मौका पाकर शीशपाल का सात साल का बेटा दीपांशु और उसके विवेक ने आतिशबाजी करने के लिए के घर से गंधक पोटाश के टुकड़े उठाए और घर के बाहर सड़क पर जाकर उन्हें पत्थर से घिसने लगे।
इसी बीच करन की नौ साल की पुत्री नेहा, सात साल का पुत्र कार्तिक और पड़ोसी जयपाल की पुत्री आंचल भी वहां आकर खड़ी हो गई। इसी दौरान पोटाश और गंधक में जोरदार विस्फोट हो गया। पोटाश, गंधक से उठी आग की लपटों से सभी बच्चे बुरी तरह झुलस गए।
उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने झुलसे हुए बच्चों को जिला अस्पताल लेकर दौड़े।
सूचना मिलने पर उनके परिजन भी पहुंच गए। जिला अस्पताल जाने पर उनकी हालत गंभीर देखकर उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी।