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तांत्रिकों को वन्यजीवों के अंग बेचने वाले भाई दबोचे

Sat, 22 Dec 2018 12:07 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
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जिला अस्पताल में नोकझोंक करते चिकित्सक.और वन विभाग के कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में वन विभाग ने सदर बाजार में पंसारी की दुकान में छापेमारी कर बृहस्पतिवार रात पकड़े दोनों भाइयों के पास से वन्यजीवों के अंग बरामद किए हैं। दोनों के पास से दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के अंग मिले हैं।  दोनों आरोपियों को छुड़ाने के लिए नेताओं से लेकर मंत्रियों ने बहुत सिफारिश लगाईं, लेकिन मामला मीडिया में उजागर हो जाने के कारण दोनों भाइयों का चालान कर दिया गया। वन विभाग दोनों आरोपियों का चालान करके मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले गया तो वहां चिकित्सकों ने उन्हें बीमार बताते हुए भर्ती कर लिया। इस मामले में काफी देर तक जिला अस्पताल  में हंगामा होता रहा।
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बृहस्पतिवार रात वन विभाग की टीम ने सदर बाजार में छापा मारकर नरेंद्र कुमार पंसारी के दो बेटों शिवम व मोहित को दबोचा था। पुलिस ने बताया कि उनके दुकान से पटरा गोह (मोनिटर लिजर्ड) के पांच जननांग, दस नग कैटर पिलर व दो नगर सियार सिंगी मिले हैं। कैटर पिलर   हिमाचल प्रदेश में मिलने वाली प्रजाति का है। यह दोनों जीव दुर्लभ प्रजाति के जीव में शामिल हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन दोनों जीवों के अंगों को तंत्र क्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा टीम ने दोनों भाइयों की निशानदेही पर 100 ग्राम पाउडर और बरामद किया है। इस पाउडर को दोनों भाई हाथी के दांत का पाउडर बताकर बेचते थे। यह पाउडर जांच के लिए लैब भिजवाया गया है।
वहीं दोनों आरोपियों को    छुड़वाने के लिए बृहस्पतिवार रात में ही वैश्य समाज के लोग सक्रिय हो गए। वन विभाग के अधिकारियों को रात में ही केंद्र से लेकर राज्य मंत्रियों तक के फोन आए।
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मामला मीडिया में आ जाने के कारण वन अधिकारी और सख्त हो गए। वैश्य समाज के लोग पूरी रात दोनों को किसी तरह छुड़ाने में लगे रहे। शुक्रवार दोपहर को जब दोनों आरोपियों का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया तो वहां चिकित्सकों ने दोनों को गंभीर बीमार बताते हुए भर्ती      करने की बात कही। इसका वन विभाग के कर्मचारियों ने विरोध किया। इस पर दोनों युवकों के परिजन चिकित्सकों के कहे अनुसार उन्हें भर्ती कराने पर अड़ गए। इस बात पर काफी देर तक अस्पताल में हंगामा होता रहा। आखिरकार दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वन विभाग के अधिकारी इस मामले से कोर्ट को अवगत कराने की बात कहते रहे।   डीएफओ डा.एम सेम्मारन केश मुताबिक दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच दूसरे चिकित्सकों से कराने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। वन्य जीव हिंसा में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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