बिजनौर। हाईकोर्ट ने गांव पेद्दा में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में जेल में बंद चल रहे भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी के पति एश्वर्य चौधरी मौसम की जमानत की अर्जी स्वीकार कर ली है। इस मामले में एश्वर्य चौधरी करीब ढाई साल से जेल में बंद हैं।
थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के गांव पेद्दा में 16 सितंबर 2016 को छेड़छाड़ को लेकर दो समुदाय आमने सामने आ गए थे। गांव पेद्दा व नया गांव के एक समुदाय के कुछ लोगों ने तमंचे व राइफल आदि लेकर दूसरे समुदाय के घरों पर धावा बोल दिया था। फायरिंग, पथराव और मारपीट की गई थी। विवाद में गोली लगने से 32 वर्षीय अहसान की मौके पर ही मौत हो गई थी। उसके बड़े भाई अनीसुद्दीन ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। अनीसुद्दीन के 17 साल के भतीजे सरफराज की मेरठ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। इस घटना में गोली लगने व पथराव में शाहनवाज, मोहम्मद सलीम, सलाउद्दीन, मुनीजा, मोहम्मद अनवार, फुरकान, शादाब, फरहीन, जरीना, शाहरूख, गुलफाम, अहसान की एक साल की बेटी इशा घायल हो गए थे। इस मामले में पेद्दा गांव के फुरकान ने संसार सिंह, नितिन, राजू, पप्पन, नरेश, टीकम सिंह, तेजपाल, कोमन, पंकज, अनुज, सतीश, मलखान, प्रेम, बिल्लू, रिंकू, सोनू, कक्कू, ओमपाल, राजपाल, अनिल कुमार, मनोज, टीशु, आकाश निवासी पेद्दा, कछपुरा के प्रधान दिलावर सिंह, उसके पुत्र बिट्टन, नया गांव निवासी कुंवर सेन, बिल्लू सहित 28 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने विवेचना में युवा भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी मौसम, व्यवसायी अरुण कबाड़ी व कार्तिक के नाम शामिल किए थे। एक अक्तूबर 2016 को एश्वर्य ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस मामले में अरुण कबाड़ी को पहले ही जमानत मिल चुकी है। एश्वर्य चौधरी के अधिवक्ता भुवनेश कुमार सिंह के अनुसार बुधवार को हाईकोर्ट में हुई बहस के बाद न्यायाधीश विपिन सिन्हा ने एश्वर्य चौधरी को जमानत पर छोड़े जाने का आदेश पारित किया है।
कोर्ट ने कई बार खारिज की थी जमान याचिका
बिजनौर। पेद्दा कांड में जेल में बंद एश्वर्य चौधरी मौसम को जमानत की उम्मीद नहीं थी। उनकी जमानत याचिका पहले भी कई बार खारिज कर दी गई थी। शासन ने भी उनका केस जनहित में वापस लेने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया था, लेकिन उसे भी निरस्त कर दिया गया था। एश्वर्य की गिरफ्तारी में भाजपा नेताओं की भीड़ उमड़ी थी।पेद्दा कांड में एश्वर्य चौधरी के नामजद होने के बाद जिले भर में वकीलों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी झूठी नामजदगी पर गुस्सा जताते हुए प्रदर्शन किया था। उनकी गिरफ्तारी में भारी भीड़ उमड़ी थी। तब भाजपा विधायक स्व. लोकेंद्र चौहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, विधायक अशोक राणा सहित तमाम नेता उनकी गिरफ्तारी के समय मौजूद रहे थे। एश्वर्य की गिरफ्तारी में भारी भीड़ उमड़ी थी। पुलिस द्वारा विवेचना में नामजद किए जाने को ठोस आधार न मानते हुए उनकी जमानत होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उनकी जमानत याचिका हर बार खारिज होती रही।
जजी के बाद हाईकोर्ट के वकीलों ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कुछ समय पहले उनका नाम केस से निकालने के लिए शासन स्तर से भी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उसे भी कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था। एश्वर्य के समर्थक लंबे समय से उनकी जमानत मंजूर होने का इंतजार कर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले उनकी जमानत होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन फिर से मामला अटक गया था। इस बीच गवाहों ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि एश्वर्य इस घटना में शामिल नहीं थे। उन्हें किसी ने भी मौके पर नहीं देखा था। किसी रंजिश के तहत उन्हें फंसाया गया। बुधवार को जमानत याचिका मंजूर होने के बाद एश्वर्य के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। दो, चार दिन में उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद है।
गरमा गई थी वेस्ट यूपी की सियासत, पत्नी बन गई विधायक
पेद्दा कांड के बाद जिले की ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी की सियासत गरमा गई थी। भाजपा ने इस मामले को पूरे जोरशोर से उठाया था। इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कांग्रेस नेता राशिद अलवी सहित कई बड़े नेताओं ने बिजनौर का दौरा किया था। पेद्दा कांड में आरोपी बनने के बाद भाजपा ने हिंदू वोटों को साधने के लिए उनकी पत्नी सुचि चौधरी को बिजनौर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। सहानुभूति की लहर में सुचि चौधरी रिकॉर्ड मत पाकर विजेता रहीं। संघ की पूरी लॉबी इस कांड में एश्वर्य चौधरी की मदद करने में लगी रही।