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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर ठगी

Wed, 15 Feb 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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नूरपुर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के फॉर्म जमा करने के लिए डाकघर पहुंची महिलाओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के नाम पर जनपद में ठगी शुरू हो गई है। सुनियोजित अफवाह फैलाई गई कि इस योजना में पंजीकरण कराने वाली छह साल से 32 साल की युवतियों को केंद्र सरकार दो लाख रुपये देगी। नगर और देहात में साइबर कैफे और स्टेशनरी की दुकानों से कथित योजना के फॉर्म हजारों की संख्या में बेचे गए। फॉर्म की औपचारिकताएं पूरी करा युवतियों का रेला डाकघर जा पहुंचा। यहां टिकट न मिलने और फॉर्म पोस्ट न होने पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। उधर, सीडीओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने ऐसी किसी योजना से साफ इनकार किया है।
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कथित तौर पर महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी फार्म मंगलवार को पोस्ट करने पहुंची युवतियों की भारी भीड़ देख डाककर्मी हैरान रह गए। युवतियों ने डाक टिकट न मिलने और कर्मियों के फार्म पोस्ट करने से इनकार पर हंगामा शुरू कर दिया। नूरपुर में इसकी सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। समझाने के बावजूद युवतियां टस से मस होने के लिए तैयार नहीं थीं। बाद में कर्मचारियों ने डाकघर बंद कर पीछा छुड़ाया। डाकघर बंद होने के बाद भी काफी संख्या में युवतियां शाम तक वहीं डटी रहीं।  इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ती भार्गव का कहना है कि उनके पास इस प्रकार के फार्म जमा कराने के लिए कोई आदेश नही आया है। फार्म कहां से आए और कौन जमा करा रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नही है। 
नगीना। मुख्य डाक घर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए आवेदन पत्रों की रजिस्ट्री करने आई सैकड़ों महिलाओं ने देरी को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने ऑफिस के काउंटरों को धकेल दिया। पोस्ट मास्टर ने दैनिक कार्य बंद कर उच्चाधिकारियों को सूचित किया। दोपहर करीब 12 बजे पहुंची सैकड़ों महिलाओं में रजिस्ट्री कराने की होड़ मच गई। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की के कारण ऑफिस का काउंटर गिरते-गिरते बचा। इससे उसका एक गेट भी टूट गया। डाक कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और वे काउंटर छोड़कर पोस्ट मास्टर पर्मवीर सिंह के केबिन में पहुंच गए। इसके बाद रजिस्ट्री का कार्य बंद कर दिया गया। सूचना पर पहुंची महिला पुलिस ने काउंटर के अंदर खड़ी महिलाओं को बाहर निकाला। बाद में पोस्ट मास्टर ने पुलिस व्यवस्था पूरी न होने के कारण रजिस्ट्री करने से मना कर दिया। 
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पहली नजर में फर्जी लगता है फार्म
कथित तौर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी यह फार्म देखने से ही फर्जी लगता है। फार्म के ऊपर अभियंता पंजीकरण फार्म लिखा है और इसमें आयू सीमा भी आठ वर्ष से 32 वर्ष दी गई है। फार्म में विज्ञापन संख्या व जमा करने की अंतिम तिथि का भी कहीं जिक्र नही है। फार्म कहां से आए और इसे किसने छापा, इस बात का पता नही लग रहा है। हालत ये है कि गांव से लेकर शहर तक फार्म बेचने वाली दुकानों पर ये फार्म मिल रहे हैं।
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