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बिजनौर में हत्या के बाद बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी

Fri, 19 Oct 2018 11:36 PM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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नींदडू में विलाप करते मृतक रियासत के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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 बिजनौर के  नींदडू गांव में गुरुवार की रात रियासत की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद रातभर खूब बवाल हुआ। लोगों ने जाम लगाकर हंगामा किया, वाहनों में आग लगाई और दो बसों के शीशे तोड़ डाले। हत्या की रिपोर्ट में नामजद पांच में से तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। चौकी पर तैनात दरोगा को लाइन हाजिर करते हुए स्टाफ को हटा दिया है। वहीं, मृतक के तहेरे भाई नजाकत हुसैन (55) की भी हार्टअटैक से मौत हो गई है। गांव में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई है।
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गांव में करीब 25 करोड़ रुपये की जमीन पर विवाद को लेकर यह बवाल हुआ। जिसे बिजनौर के प्रॉपर्टी डीलर अनुज मलिक, जिला पंचायत सदस्य चमन सिंह और नासिर जलील ने खरीदा था, लेकिन कब्जा दूसरे पक्ष का था और कोर्ट में विचाराधीन है। 15 सितंबर को राजस्व विभाग ने खरीददारों को कब्जा दिला दिया था। कुछ लोग इस पर डिग्री कालेज बनाने की बात कह रहे थे। दूसरे पक्ष द्वारा जमीन पर प्लाट काटे जा रहे थे। ये लोग रात में फायरिंग करके दहशत फैलाते थे। फायरिंग का विरोध करने पर रियासत की गुरुवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। लोगों ने नूरपुर राज्य मार्ग के अंथाई शेख-मनकुआं चौराहे पर शव रखकर गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर जाम लगा दिया।
कई वाहन व ट्रैक्टरों में आग लगा दी गई तथा रोडवेज की दो खाली बसों के शीशे तोड़ डाले। विवादित भूखंड में बने कक्ष को ध्वस्त कर दिया। रात पौने दस बजे डीएम, एसपी फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को समझाया। प्रशासन के वादे पर लोगों ने रात दो बजे जाम खोल दिया। लोगों ने सत्ताधारी एक नेता के खिलाफ खूब नारेबाजी की। अनुज मलिक, चमन सिंह के अलावा नींदड़ू निवासी नजाकत, नासिर जलील व शेरकोट निवासी इस्लामुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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लखनऊ पहुंचा मामला, अफसरों से रिपोर्ट तलब
बिजनौर/नींदडू़। गांव नींदडू में बृहस्पतिवार की रात रियासत (40) की गोली मारकर हत्या के करीब चार घंटे  बाद उसके तहेरे भाई नजाकत हुसैन  (55) की सदमे की भी के चलते  हार्ट अटैक से मौत हो गई। गम  और गुस्से के माहौल के बीच लोग भड़क गए। दो बसों के शीशे तोड़ दिए, इन बसों के अलावा चार ट्रैक्टर और एक कार में आग लगा दी गई। जिस जमीन के विवाद में रियासत की हत्या की गई, उस पर बने निर्माण को गिरा दिया गया। गांव में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 25 करोड़ की बेशकीमती जमीन पर सत्ता की हनक में कब्जा किया गया था। जिलाधिकारी अटल कुमार राय ने अदालत का फैसला आने तक विवादित जमीन पर किसी तरह का निर्माण करने पर रोक लगा दी है।
मृतक के परिजन खुलेआम सत्तादल के एक नेता पर जमीन पर कब्जा कराने और रियासत की हत्या कराने का आरोप लगा रहे थे। उनका आरोप है कि कोर्ट में मामला होने के बाद भी अफसरों ने जमीन पर दूसरे पक्ष को कब्जा दिला दिया। सत्तादल के नेता पर आरोप लगने के बाद यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। अफसरों से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना जमीन पर डेरा डालने वाले लोग रात में फायरिंग करके दहशत फैला रहे थे। इस बात को मना करने गए रियासत की बृहस्पतिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से गांव में  बवाल हो गया। ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने रियासत का शव नूरपुर राज्य मार्ग के अंथाई शेख-मनकुआं चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। यह लोग हमलावरों की गिरफ्तारी और मृतक परिवार की आर्थिक सहायता करने की मांग कर रहे थे। जाम के चलते दूर तक वाहनों की  लंबी कतार लग गईं। ग्रामीणों ने विवादित भूखंड में  घुसकर तोड़फोड़ की और वहां बने कक्ष को गिरा दिया था। रात में डीएम अटल कुमार राय, एसपी उमेश कुमार अफसरों व पुलिस  तथा पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगा रहे प्रदर्शनकारियों को समझाया।  दमकल  की गाड़ी ने जलते वाहनों को बुझाया गया। ग्रामीणों ने डीएम द्वारा मृतक के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता एवं निष्पक्ष कार्रवाई का वादा करने पर जाम खोल दिया गया।   
 पांच के खिलाफ रिपोर्ट  दर्ज, तीन हिरासत में
 घटना में बिजनौर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी प्रापर्टी डीलर अनुज मलिक, जिला पंचायत सदस्य चमन सिंह , नीदडू निवासी नजाकत, नासिर जलील व शेरकोट निवासी इस्लामुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। गांव में पीएसी व पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने विवादित जमीन पर हर किसी के आने-जाने पर रोक लगा दी है।
 शुक्रवार को  डीएम  अटल कुमार राय, एडीएम (वित्त)़ अवधेश कुमार मिश्रा, एसपी उमेश कुमार, एएसपी देहात  विश्वजीत सिंह श्रीवास्तव, एसडीएम कुंवर वीरेंद्र सिंह मौर्य, सीओ महावीर सिंह रजावत एवं कोतवाल संजय कुमार पांचाल ने  विवादित भूमि का मौका मुआयना किया। वहां पीएसी तैनात कर दी है। डीएम ने  बताया कि विवादित भूमि का प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। विवादित होने के चलते भूमि को 145 के तहत  कुर्क किया जा रहा है। अदालत का निर्णय आने तक वहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा।
 चौकी प्रभारी लाइन हाजिर, बाकी स्टाफ हटाया
 एसपी  उमेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार की  संदिग्ध भूमिका को देख उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। वहां तैनात बाकी स्टाफ को भी हटा दिया है।
सपा विधायक व पूर्व मंत्री भी पहुंचे गांव
नींदडू। विवादित भूमि को लेकर हुई हत्या के बाद नूरपुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक नईमुल हसन, पूर्व राज्यमंत्री मूलचंद चौहान व पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी आदि गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने डीएम अटल कुमार राय और एसपी उमेश कुमार से वार्ता कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करने को कहा।

 चार घंटे के भीतर दो मौत से गम और गुस्से का माहौल
नींदडू़  में पहले रियासत की हत्या और फिर तहेरे भाई नजाकत की हार्ट अटैक से हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों में गम और गुस्से का माहौल है।  रियासत के भाई मोहम्मद राहत ने पुलिस को बताया कि फरूख जलील  और नासिर जलील के बीच कृषि भूमि को लेकर विवाद है और दोनों पक्षों में तनातनी रहती है। 17 अक्तूबर की शाम वह अपने भाई के साथ नींदडू़ स्थित ईंट भट्टे की ओर गया था। आरोप है कि मनकुआ-अंथाई चौराहे पर मौजूद एक पक्ष के लोगों ने उन्हें डराने के मकसद से  फायरिंग की। वह अपने घर लौट आए। बृहस्पतिवार की शाम करीब आठ बजे वह अपने चचेरे भाई परवेज व रियासत व हम्माद के साथ विवादित जमीन पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों से कहा कि जमीन का मुकदमा अदालत में चल रहा है। वे किसी व्यक्ति के साथ गाली-गलौज न करें और न ही ग्रामीणों को भयभीत करने के लिए फायरिंग करें। यह सुनते ही वहां मौजूद पांचों व्यक्ति आग बबूला हो गए। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली मारकर रियासत हुसैन की हत्या कर दी। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। रियासत के तहेरे भाई नजाकत हुसैन  की सदमे  के चलते  हार्ट अटैक से मौत हो गई। रियासत की हत्या 315 बोर के तमंचे से गोली मारकर की गई है। गोली उसके गले में बाई ओर लगी है। पोस्टमार्टम  रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।

यह है मामला
सऊदी अरब के जेद्दा नगर में रहने वाले सऊद हाशमी की 42 बीघा कृषि भूमि चचेरे भाई माहिर जलील ने पावर ऑफ अटार्नी के जरिए मैसर्स सुंदरपुर प्रॉपर्टीज गोल्डन टॉवर बिजनौर को बेच दी थी। इस जमीन में कालोनी काटी जा रही है। यह जमीन पिछले करीब 60 वर्षों से सऊद हाशमी के दूसरे चचेरे भाई फरूख जलील  के पास थी और वह इसमें खेती कर रहे थे। जमीन का मामला अदालत में विचाराधीन है। ग्रामीणों का आरोप  है कि  सत्तादल के एक बड़े नेता की जमीन पर नजर थी और उसने अपने लोगों के नाम इसका बैनामा करा दिया। कोर्ट में केस विचाराधीन होने  के बावजूद गत 15 सितंबर को राजस्व विभाग की टीम ने खरीदारों को जमीन पर कब्जा करा दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अफसरों पर दबाव डालकर जमीन पर कब्जा कराया गया। विवादित जमीन पर नेता से जुड़े लोगों व रिश्तेदारों की गाड़ी खड़ी रहती है।
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