बिजनौर के स्योहारा में स्कूली बच्चों का खाता नहीं खोलने से नाराज पिता ने बैंक के गेट पर जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया। इसके बाद वह थाने पहुंच गया। पीड़ित को पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया। सीओ तथा एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी की। पुलिस ने बैंक प्रबंधक तथा पीड़ित के परिजनों से भी मामले की तहकीकात की। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की। उधर, रात में पीड़ित की हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर किया गया है।
गांव सुमालखेड़ी के चंद्रपाल सिंह के दो बच्चे अजय और विजय आरएसपी इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। छात्रवृत्ति के लिए दोनों बच्चों के केनरा बैंक में खाते खुलवाने थे। इस घटना के संबंध में महावीर सिंह ने बताया कि उसका बेटा चंद्रपाल सिंह कई दिनों से अपने बच्चों का खाता खुलवाने के लिए केनरा बैंक की स्योहारा शाखा में चक्कर लगा रहा था। बुधवार को बैंक में खाता नहीं खुलने पर उसने बृहस्पतिवार को बिजनौर जाकर इसकी शिकायत की।
शुक्रवार को जब खाता नहीं खुला, तो उसने स्टेशन रोड की किसी दुकान से जहरीला पदार्थ खरीद लिया। बैंक के गेट पर शीशी खोल कर पी ली। इसके बाद किसी तरह वह थाने पहुंचा। उसने थानाध्यक्ष को बताया कि बैंक में खाता नहीं खोलने से परेशान होकर उसने जहर खा लिया है। थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने चंद्रभान को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उसे सघन चिकित्सा के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया गया है।
घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। जानकारी मिलने पर सीओ अशोक यादव तथा एसडीएम सतेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पीड़ित के परिजनों तथा कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक नंदकिशोर से घटना की जानकारी ली। महावीर सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उधर, बैंक प्रबंधक नंद किशोर ने कहा कि चंद्रभान उसे कभी मिला ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वैसे भी आरएसपी इंटर कॉलेज के छात्रों के खाते सहसपुर शाखा में खोले जाते हैं।