बिजनौर के गांव हरवेली स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में बृहस्पतिवार दोपहर बैंक के एक अधिकारी नवल किशोर सिंह (30) ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। घटना के समय बैंक में लंच चल रहा था।
जहर खाने के बाद बेहोश हुए अधिकारी को धामपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी थी। इससे वह क्षुब्ध थे।
उन्हें भर्ती कराने अस्पताल आए बैंक कर्मियों ने बताया कि क्लास वन ऑफिसर नवल किशोर ने शाखा प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह को बगैर प्रार्थना दिए 26 अप्रैल को छुट्टी ले ली थी।
नवल किशोर ने साथियों को बताया था कि फोन पर अवगत कराने के बाद भी शाखा प्रबंधक ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी थी। वह बार-बार शाखा प्रबंधक से इस संबंध में बात करने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बृहस्पतिवार को नवल किशोर रोज की तरह बैंक गए और दोपहर तक काम किया। उनका व्यवहार भी सामान्य लगा। लंच में उनकी किसी से फोन पर बात हुई और उसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। उनकी हालत बिगड़ी तो बाहर तक सूचना पहुंच गई।
इसके बाद बैँक के बाहर भीड़ लग गई। नवल किशोर का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि उनके स्वास्थ्य में सुधार होने की संभावना है।अस्पताल में नवल किशोर की पत्नी रश्मि का रोते-रोते बुरा हाल है।
उसका कहना है कि घर से वे ठीकठ बैंक गए थे। बैंक में ही ऐसा कुछ हुआ कि उन्होंने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया है। वह जिला जेपीनगर के नौगावां सादात के मोहल्ला मुनव्वपुर के रहने वाले हैं। नवल किशोर की 2015 में बैंक में नौकरी लगी थी।
वे परिवार के साथ धामपुर में रानी बाग कालोनी में किराए पर परिवार के साथ रहते हैं। उनकी शादी वर्ष 2016 में हुई है।
उधर, शाखा प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि कोई बैंक कर्मी या अधिकारी बगैर प्रार्थना पत्र के गैरहाजिर होगा तो अनुपस्थिति लगाना लाजिमी होता है। उन्होंने केवल गैरहाजिरी लगाई थी, उनसे कोई अशोभनीय व्यवहार नहीं किया था।