बिजनौर में दुष्कर्म के आरोपी जामा मस्जिद के इमाम अनवारूल हक की वीडियो वायरल करने के मामले अनवारूल हक के समर्थकों ने अशरफ को पुलिस को सौंप दिया। अशरफ के परिजनों ने उसे अगवा करने का आरोप लगाया था।
अनवारूल हक की व्हाट्सएप पर वायरल की गई वीडियो जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वीडियो को वायरल होने पर मौलवी फुरकान व अनवारूल हक पक्ष के बीच तनातनी चल रही है। सोमवार को जामा मस्जिद में हुई बैठक में दुष्कर्म के गवाह असलम का भाई अशरफ भी शामिल हुआ था। उसने अपने भाई अकरम, महिला व अन्य लोगों पर साजिश के तहत अनवारूल हक को फंसाने का आरोप लगाया था। इसकी वीडियो भी वायरल हो गई थी। मंगलवार को अशरफ के परिजन एसपी उमेश श्रीवास्तव से मिले थे। उन्होंने अशरफ को मानसिक रोगी बताया था। परिजनों ने अनवारूल हक व उनके साथियों पर घर आकर जान से मारने की धमकी देने व अशरफ को अगवा करने का आरोप लगाया था। एसपी ने एसपी सिटी एममम बेग को अशरफ का पता लगाने व अशरफ के न मिलने पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। बुधवार को पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन अशरफ को लेकर थाने पहुंचे। पुलिस को दिए बयान में अशरफ ने कहा कि वह नहीं बल्कि उसका भाई मनोरोगी है। पुलिस ने अशरफ को उसके परिजनों को सौंप दिया है।