बिजनौर में नाबालिग छात्रा को दूसरे संप्रदाय के युवक के साथ जाने पर हंगामा मच गया है। इस मसले को लेकर तीबड़ी में आयोजित पंचायत में हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आठ दिन से गायब छात्रा को पुलिस आज तक बरामद नहीं कर सकी है। वक्ताओं ने इस तरह के बढ़ते मामलों को लव जिहाद का परिणाम बताया। इस दौरान छात्रा को एक हफ्ते के अंदर बरामद नहीं होने पर चार अगस्त को आरोपी युवक के गांव काजीवाला में ही महापंचायत का एलान कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को एक आश्रम के पास आयोजित बैठक में हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय महामंत्री जितेंद्र बैंस ने कहा कि गैर संप्रदाय के युवकों द्वारा हिंदू समाज की लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी बहन-बेटियों का अपहरण सहन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लापता छात्रा को हर हाल में बरामद करना पुलिस का काम है। छात्रा को बरामद करने के लिए हिंदू संघर्ष समिति का गठन किया गया। पंचायत में पहुंचे सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा ने चार-पांच दिन में छात्रा को बरामद करने का ठोस आश्वासन देने पर उनको एक हफ्ते का समय दिया गया।
छात्रा के बरामद न होने पर आरोपी युवक के गांव काजीवाला में ही महापंचायत का एलान किया गया। बैठक को विश्व हिंदू परिषद के जितेंद्र चौधरी, हिंदू जागरण मंच जिलाध्यक्ष विवेक चौधरी, सभासद जितेंद्र राणा, जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह, भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष सुमन त्यागी आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग सहसंयोजक अंकित कुमार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहित राजपूत, मानव सचदेवा, सौरभ वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
पुलिस के वादे पर आंदोलन स्थगित
धामपुर में सर्व ब्राह्मण महासभा ने किशोरी की बरामदगी को लेकर जारी आंदोलन को चांदपुर कोतवाल के आश्वासन पर स्थगित कर दिया है। महासभा के जिलाध्यक्ष लोकेश भारद्वाज, जिला महामंत्री गजेंद्र कुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार शर्मा, पंडित शास्त्री ने बताया कि 28 जुलाई को एक किशोरी को गैरबिरादरी का युवक भगा ले गया था। इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को वह एसपी से मिले थे। एसपी के आदेश पर वह चांदपुर पुलिस कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से मिलने को गए। इस दौरान कोतवाल ने महासभा से दो दिन का समय मांगा है। कोतवाल ने कहा कि वह दो दिन में किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंपने का प्रयास करेंगे। महासभा के पदाधिकारियों ने चेताया है कि यदि वादाखिलाफी की गई तो महासभा आंदोलन करने के लिए विवश होगा।