कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जेल जाते इनामी बदमाश आदित्य और रोहित।
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बिजनौर में एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य ने अपने साथी 20 हजार रुपये के इनामी रोहित के साथ गुरप्रीत उर्फ लाड़ी हत्याकांड में बुधवार को स्पेशल जज की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्पेशल जज वेदपाल सिंह ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
नजीबाबाद के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी गुरप्रीत उर्फ लाड़ी की 30 जनवरी 2016 को लक्सर से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी बहन के पास लक्सर में रहता था। उसका शव थाना नहटौर के फैजपुर चौराहे से बरामद हुआ था। गुरप्रीत की मां बलविंदर कौर ने इस हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने कहा था कि मणिक राठी निवासी ग्राम श्रवणपुर, मनोज राठी निवासी बिजनौर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पुत्र की हत्या की है। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में आदित्य, रोहित, मनोज उर्फ नेवला, ओमकार, धीरेंद्र, देवेंद्र, जयप्रकाश उर्फ बब्लू और अमित ड्राइवर को भी आरोपी बनाया और उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पेशी के दौरान आदित्य और रोहित फरार हो गए थे। यह मामला स्पेशल जज के यहां विचाराधीन है। इस मामले में कोर्ट में पेश न होने के कारण रोहित के खिलाफ 13 सितंबर और आदित्य के खिलाफ 26 सितंबर 2017 से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। बुधवार को इस मामले में आदित्य और रोहित की ओर से स्पेशल जज कोर्ट में सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया कि उनके इस केस में वारंट चल रहे हैं, उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेजा जाए। कोर्ट ने दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
सता रहा था मुठभेड़ में मारे जाने का डर
- पुलिस से भागता हुआ थक गया था आदित्य
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य अपने साथी 20 हजार के इनामी रोहित के साथ पुलिस से बचकर भागता हुआ थक चुका था। आदित्य को डर था कि पुलिस कभी भी उसका काम तमाम कर सकती है। इसलिए उसने कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया।
स्याहोरा थाने के गांव राना नगला निवासी एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य और गांव स्वाहेड़ी निवासी रोहित को डर था कि अगर उन्होंने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया तो पुलिस उन्हें मुठभेड़ में मार सकती है। इसलिए दोनों ने कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला लिया। पुलिस ने आदित्य के घर की कुर्की भी कर ली थी। रोहित के घर की कुर्की की तैयारी चल रही थी। दोनों उत्तराखंड के काशीपुर, रामनगर, हल्द्वानी, देहरादून, बिजनौर के पैजनियां, चांदपुर, नहटौर और बढ़ापुर के इलाके में अपने ठिकाने बना रखे थे। पुलिस के साथ एटीएस और एसटीएफ भी इन बदमाशों की तलाश में लगी थी। दो दिन पहले आदित्य और रोहित के नाम पम्फलेट लगवा दिए थे।
कई लोगों की आदित्य ने ले रखी थी सुपारी
आदित्य ने कई लोगों का खात्मा करने की उनके दुश्मनों से सुपारी ले रखी थी। आदित्य के ये लोग हत्थे नहीं चढ़ रहे थे। पुलिस को इस बात की पुख्ता जानकारी थी। जिन लोगों की आदित्य ने सुपारी ले रखी थी, उन्हें पुलिस ने जान का खतरा बताकर चौकस रहने को भी कह दिया था।
बड़े गैंग से जुड़ना चाहता था आदित्य
फरारी के दौरान आदित्य वेस्ट यूपी के किसी बड़े गैंग से जुड़ना चाहता था। पर उसे कामयाबी नहीं मिली। आदित्य ने पास कोई आधुनिक हथियार भी नहीं थे। अभी तक वह देशी तमंचों से घटनाओं को अंजाम दे रहा था। वेस्ट यूपी के बड़े गैंग मुठभेड़ में बदमाशों के मारे जाने के बाद चौकसी बरत रहे हैं। ऐसे में आदित्य को इन बदमाशों से जुड़ने में मदद नहीं मिल रही थी।
फरारी के बाद सुर्खियों में आया था आदित्य
एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य तीन अक्टूबर को मुरादाबाद कोर्ट में पेशी के दौरान फरार हुआ था। इनके बाद से वह सुर्खियों में आ गया। आदित्य ने तीन अक्टूबर को अपने साथियों के साथ हल्दौर क्षेत्र में अम्हेड़ा के पास ओमराज की गोली मारकर हत्या की। 14 नवंबर को गांव के ही अपने गांव के ही मुकेश की हत्या की थी। आदित्य ने अपने गैंग के साथ मंडावली, धामपुर, चांदपुर, नूरपुर और नगीना इलाके में लूट की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को नाकों चने चबा दिए। इसके बाद ही आदित्य पर शासन ने एक लाख का इनाम घोषित किया था।