बिजनौर में एनएचएम घोटाले मेंे पकड़े गए दोनों आरोपी।
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बिजनौर में पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग में हुए करोड़ों के एनएचएम घोटाले में एक एकाउंट मैनेजर व वरिष्ठ लिपिक को दबोचा है। घोटाले में शामिल बाकी लोगों की पुलिस तलाश में जुटी है।
एसपी अजय साहनी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय मिशन योजना (एनएचएम) में हुए तीन करोड़ 10 लाख 95 हजार 469 रुपये की घोटाले की शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शहर कोतवाल पुलिस ने शुक्रवार को रोडवेज बस स्टैंड से घोटाले में शामिल मई 2016 से अगस्त 2016 तक एनएचएम के बिजनौर में एकाउंट मैनेजर के पद पर रहे इटावा के सिविल लाइन के मोहल्ला विजय नगर निवासी पंकज कुमार व देवरिया की साकेत नगर कृष्णा कालोनी निवासी कैलाश ठाकुर को दबोचा है। कैलाश ठाकुर बिजनौर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। पंकज कुमार वर्तमान में जिला मथुरा में कार्यरत हैं।
दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि एनएचएम से जुडे़ बजट जिसमें कर्मचारियों का वेतन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, दवाइयां व अन्य सभी प्रकार के खर्च हैं। उसका वितरण बैंक एडवाइज के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने जिला कार्यक्रम प्रबंधक भानू प्रकाश हिमकर जिला लेखा प्रबंधक ,जिला डाटा प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, जिला लेखा प्रबंधक ब्रजमोहन व डाटा आपरेटर शहबाज के साथ मिलकर एनएचएम के मदों से फर्जी पीएफएमएस एडवाइज तैयार करके विभिन्न फर्मों के माध्यम से फर्जी भुगतान करके 3,10,95,469 करोड़ का भुगतान किया है। एसपी ने बताया कि चार फर्म प्रकाश में आई हैं जिन्हें फर्जी भुगतान हुआ है।
कई बडे़ लोगों के इस घोटाले में फंदे में फंसने की उम्मीद हैं।उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच हो रही है। स्टेट बैंक बिजनौर से हुए भुगतान की पुरी प्रक्रिया की भी गहराई से विवेचना हो रही है। बैक कर्मियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। एसपी ने कहा कि इस घोटाले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।