खातापुर गांव में तालाब में डूबकर मासूम की मौत
हल्दौर(बिजनौर)। ग्राम खातापुर में तीन साल के मासूम की तालाब के किनारे शौच करते समय पैर फिसलने से तालाब में डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने गोताखोरों को बुलाकर मासूम की तालाब में तलाश कराई। करीब एक घंटे बाद बालक का शव तालाब से मिला। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
ग्राम खतापुर निवासी महिपाल सिंह का घेर, घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। महिपाल सिंह के एक बेटी व दो बेटे हैं। महिपाल सिंह बृहस्पतिवार को घर पर नहीं था। घर पर उसकी पत्नी रुक्मिणी व दोनों बेटे मौजूद थे। महिपाल सिंह के घेर व उसके पास मौजूद तालाब की चहारदीवारी भी नहीं है। बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे महिपाल सिंह का तीन वर्षीय पुत्र रोहित अपने बड़े भाई छह साल के वासु के साथ अपने घेर में खेल रहा था। खेलते समय रोहित घेर के पास में ही स्थित तालाब किनारे शौच करने बैठ गया। शौच करते समय उसका पैर फिसल गया और वह करीब 20 फीट गहरे तालाब में गिर गया। रोहित को तालाब में डूबता देख वासु भागकर घर पहुंचा और मां को रोहित के तालाब में डूबने के बारे में बताया। मां ने घेर पर पहुंचकर शोर मचाया तो गांव वाले इकट्ठा हो गए। कुछ युवकों ने तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। काफी तलाशने के बाद भी रोहित का पता नहीं चला। किसी ने मामले की सूचना फोन पर डीएम कार्यालय को दी। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह, कानूनगो रामगोपाल व हल्का लेखपाल मुकेश कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने फोन से गोताखोरों को बुलवाया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने पर गोताखोर टीम करीब दो घंटे बाद देरी से पहुंची। गोताखोरों की करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रोहित को तालाब से निकाला। परिजन उसे उपचार के लिए सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत पर परिवार में कोहराम मचा है।
चहारदीवारी बनवाने की मांग
गांव के तालाब की चहारदीवारी न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण राजू, सचिन, जयपाल सिंह, ममता देवी, गुड्डी देवी, मंजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने तहसीलदार सदर धर्मेंद्र सिंह से तालाब की चहारदीवारी कराने की मांग की। कहा कि तालाब की चहारदीवारी न होने से कभी भी और भी हादसे हो सकते हैं।