नजीबाबाद। दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत नजीबाबाद निवासी डिस्टलरी मैनेजर के सैलरी एकाउंट से मात्र सवा घंटे में करीब 11 लाख रुपये उड़ा लिए। साइबर क्राइम के माध्यम से मैनेजर का मोबाइल नंबर भी हैक कर लिया गया, जिससे घंटों बाद लाखों रुपये एकाउंट से साफ होने की सूचना मिली। मैनेजर की शिक्षिका पत्नी ने नजीबाबाद थाने को तहरीर सौंपकर साइबर क्राइम का खुलासा करने की मांग की है।
नजीबाबाद के कुसुम विहार निवासी शिक्षिका वंदना के पति रोशन लाल ग्लोबल शुगर इंडस्ट्रीज दिल्ली में डिस्टलरी मैनेजर पद पर कार्यरत हैं। रोशन लाल फैक्ट्री के काम से आठ अक्तूबर को नंदूरबार महाराष्ट्र गए थे। नौ अक्तूबर को रोशन लाल के नजीबाबाद स्थित आईसीआईसीआई बैंक के सैलरी खाते से मात्र सवा घंटे के भीतर 10 लाख 94 हजार रुपये से अधिक की धनराशि साफ हो गई। साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले जालसाज ने रोशन लाल के आइडिया मोबाइल सिम कार्ड को हैक कर लिया। रोशन लाल का कहना है कि उन्हें खाते से धनराशि निकलने की सूचना मोबाइल पर नहीं मिली, क्योंकि क्राइम के समय उनका मोबाइल बंद हो चुका था। रोशन लाल के अनुसार उनका मोबाइल नंबर अभी भी काम नहीं कर रहा है।
रोशन लाल की बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका पत्नी वंदना ने नजीबाबाद थाने को घटना की तहरीर सौंपते हुए पति के खाते से करीब 11 लाख रुपये निकालने वाले शातिरों का पता लगाकर कार्रवाई करने तथा पति के सैलरी खाते से निकाली गई धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
75 मिनट में 15 बार में साफ हुए 11 लाख
नजीबाबाद। डिस्टलरी मैनेजर रोशन लाल के खाते से 75 मिनट में 15 बार में 10 लाख 94 हजार 85 रुपये की धनराशि निकाली गई। न्यूनतम धनराशि आठ हजार रुपये तथा अधिकतम धनराशि 99 हजार रुपये निकाली गई।
भागलपुर बिहार से उड़ाए लाखों रुपये
नजीबाबाद। डिस्टलरी मैनेजर रोशन लाल ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों और मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क किया। प्रथम दृष्टया भागलपुर बिहार के नीरज प्रसाद शाह का एकाउंट जनरेट होने की पुष्टि हुई है।