चेक बाउंस होने पर एक लाख का जुर्माना, तीन माह का कारावास
बिजनौर। अतिरिक्त न्यायालय के जज आरए कौशिक ने चेक बाउंस के मामले में चेक जारी करने वाले गिरीश कुमार को तीन माह के कारावास व एक लाख पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने यह भी आदेश किया है कि अर्थदंड की धनराशि में से 95 हजार रुपया वादी धर्मवीर सिंह को क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाए।
कस्बा शेरकोट के गांव मोहल्ला फतेहनगर निवासी धर्मवीर सिंह ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा था कि उसने गांव मौजमपुर जैतरा के गिरीश कुमार को अपने जीवन बीमा निगम के प्रीमियम प्वॉइंट सेंटर पर बीमा धारकों से प्रीमियम राशि प्राप्त करने के लिए रखा था। गिरीश कुमार ने बीमा धारकों से प्राप्त राशि को अपने पास रख लिया और उनकी किश्त जमा नहीं की। तीन लाख 25 हजार रुपये की राशि उसके द्वारा जमा नहीं की गई। यह मामला उजागर होने पर गिरीश कुमार ने शीघ्र रुपये अदा करने की बात कही और 21 मार्च 2015 को हुए समझौते के अनुसार तीन लाख 25 हजार के भुगतान के बदले में चार चेक एचडीएफसी बैंक धामपुर शाखा के 81 हजार 250 रुपये प्रत्येक के दिए। नौ जून 2015 को जब उसने अपने खाते में एक चेक 81 हजार 250 रुपये का लगाया तो वह खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया। वादी के वकील विवेक चौहान के अनुसार इस मामले में अदालत ने कहा है कि गिरीश कुमार द्वारा जारी चेक का भुगतान खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण धर्मवीर सिंह को प्राप्त नहीं हुआ। गिरीश कुमार को धारा 138 के अंतर्गत दोषी पाया जाता है और तीन माह के कारावास व एक लाख पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया जाता है।