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प्रेम संबंधों को लेकर हुआ दंपति का कत्ल

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बिजनौर। गांव सदुपुरा में बृहस्पतिवार की रात दंपति की हत्या छेड़खानी को लेकर नहीं बल्कि दोनों पक्षों के बच्चों के बीच प्रेम संबंध के विवाद में हुई थी। प्रेमी युगल घर से फरार हो गया था। इस बात पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए थे। शुक्रवार को इस मामले में आरोपी पक्ष के मंगत और उसके चार पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एक आरोपी को दबोच लिया है।
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शहर कोतवाल फतेह सिंह के मुताबिक गांव सदुपुरा में मंगत और गोपाल पक्ष में छेड़खानी को लेकर नहीं बल्कि प्रेम संबंधों को लेकर विवाद हुआ था। मंगत के पुत्र गौरव और गोपाल की पुत्री में सात साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। दोनों के मिलने जुलने पर भी पाबंदी लगा दी थी। यहीं नहीं, दोनों का रिश्ता परिजनों ने दूसरी जगह कर दिया था। बृहस्पतिवार की शाम गौरव अपनी प्रेमिका को लेकर फरार हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर युवती की मां समरकली गौरव के घर चली गई। गोपाल भी वहां पहुंच गया। इस पर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गोपाल और उसकी पत्नी समरकली की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद दोनों के पुत्र आपस में भिड़े रहे। खूब धारदार हथियार चले। गोपाल का पुत्र भूरा एवं नीरज जबकि मंगत, उसका पुत्र नरेंद्र एवं गौरव घायल हो गए। कोतवाल के मुताबिक घटना के दौरान गौरव और गोपाल की पुत्री मौके पर नहीं थे। बाद में जब दोनों को घटना का पता चला तो वे जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की नई कहानी रची। गोपाल की पुत्री ने छेड़खानी की कहानी बनाई। कोतवाल ने बताया कि इस मामले में शुक्रवार को गोपाल के पुत्र नीरज ने मंगत, उसके पुत्र गौरव, नरेंद्र एवं अरुण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अरुण को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सब को मालूम थी प्रेम कहानी
मंगत के पुत्र गौरव और गोपाल की पुत्री की प्रेम कहानी के बारे में सब को मालूम था। मगर, सब अपनी जुबान बंद किए हुए थे। दोनों परिजनों की रोक के बाद भी चोरी छिपे मिलते- जुलते रहते थे। दोनों के घर नजदीक है। गौरव का पिता मंगत नलकूप विभाग के ऑपरेटर से सेवानिवृत्त हुआ है। बाकी बेटे मेहनत मजदूरी करते है।
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किन्नर भाइयो नें किया हंगामा
गोपाल के दो भाई चरन और रामेश्वर किन्नर है। दोनों ने जिला अस्पताल में मोर्चरी के बाहर परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर खूब हंगामा किया। शहर कोतवाल फतेह सिंह ने उन्हें समझा शांत किया।

घर पर ही मिला सूरज
शहर कोतवाल के मुताबिक गोपाल का आठ साल का पुत्र सूरज गायब नहीं हुआ था। वह घर पर ही था। सूरज घर से मिल गया है। संघर्ष के दौरान उसके लापता होने की अफवाह उड़ाई गई थी।
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