अमरोहा। टीईटी में साल्वर गैंग के सदस्यों के पकड़ेे जाने के बाद एक बार फिर अमरोहा चर्चाओं में आ गया है। एसटीएफ की गिरफ्त में आए साल्वर गैंग के चार सदस्य अमरोहा के चार अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जनपद में हड़कंप मचा है। सोमवार को दिन भर एसटीएफ की छापेमारी की चर्चाएं गर्माती रहीं। छापेमारी के डर से अभ्यर्थी घर छोड़कर भाग गए हैं। वहीं स्थानीय खूूफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। आरोपियों की रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान एसटीएम और पुलिस ने मुरादाबाद में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया था। पूरे सूबे में 36 जबकि मुरादाबाद में छह साल्वर पकड़े गए हैं। पकड़े गए गिरोह के सदस्य डिडौली कोतवाली के गांव खरखोदा आजम निवासी राजपाल, आदमपुर थाने के गांव हाकिमपुर निवासी राजकुमार व धनौरा थाने के गांव पखमारी निवासी राजेश वौध और नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव कैलसा निवासी इस्तकार सहित अमरोहा के चार अभ्यर्थियों की परीक्षा दे रहे थे।
एसटीएम ने इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। जबकि अमरोहा के चोरों अभ्यर्भी फरार हैं। सॉल्वर गैंग के तार अमरोहा से जुड़ते ही जिले के अभ्यर्थियों में खलबली मची हुई। वहीं, स्थानीय खूपिया तंत्र ने आरोपियों का इतिहास जुटाना शुरू कर दिया है।
सोमवार को दिन भर एसटीएम के छापेमारी की अफवाएं फैलती रहीं। गिरफ्तारी के डर से आरोपी अभ्यर्थी घर से फरार हो गए हैं। इसके पहले सितंबर माह में नलकूप चालक भर्ती का परीक्षा पेपर लीक हुआ था। जिसमें हसनपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जामुनोवाली में तैनात शिक्षक सचिन से तार जुड़े थे। सचिन पेपर लीक गैंग का सरगना था। मामला उजागर होने के बाद सचिन को निलंबित कर दिया था। जो फिलहॉल जेल में बंद है।