कासमपुरगढ़ी। मां को मृतक बता पुत्र ने घर का बैनामा पत्नी के नाम करा दिया। इसके बाद मां को घर से निकाल दिया। पीड़िता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। एसपी के आदेश पर सीओ ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की।
गांव सीरवासुचंद निवासी अमीर जहां पत्नी स्वर्गीय रफीक अहमद ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया उसके दो पुत्र अतीक अहमद व वशीक अहमद हैं। दोनों पुत्रों को पति ने जीवित रहते अलग-अलग मकान दे गए थे। पति ने अपने लिए अलग जमीन लेकर मकान बनाया था। कुछ समय बाद अतीक पूना रहने लगा जबकि वशीक अपने मकान बेचकर ससुराल मसतल्लीपुर में जाकर रहने लगा। तीन वर्ष बाद वशीक मसतल्लीपुर का मकान बेचकर सीरवासुचंद में उसके पास आकर रहने लगा। बताया कि इस मकान को रफीक अहमद ने गांव के रामपाल सिंह से दस रुपये के स्टांप पर भूमि खरीदकर बनाया था। मगर, भूमि का बैनामा नहीं कराया था। कुछ दिन बाद वशीक और मां अमीर जहां में अनबन रहने लगी। अमीर जहां ने वशीक से घर खाली करना का दबाव बनाया। आरोप है कि वशीक साजिश रच भूस्वामी रामपाल से मिल गया। उसने रामपाल को लालच में लेकर मां को मृतक बताकर भूमि का अपनी पत्नी शबाना के नाम बैनामा करा लिया। बैनामा होने के बाद उसने मां को धक्के मारकर घर से निकाल दिया। वृद्घा ने एसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर सीओ कृपानंद कन्नौज, एसआई शिशुपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से पूछताछ की। सीओ का कहना है कि जांच कर कड़ी कार्रवाई होगी।