हाथी की मौत के मामले में एक गिरफ्तार
रेहड़। मीरापुर-मलौनी मार्ग पर मिले नर हाथी के शव के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीओ अफजलगढ़ ने बताया की दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। हालांकि इस मामले में भाकियू और प्रशासन के बीच किसानों की गिरफ्तारी न होने का समझौता हो चुका है। किसानों ने पुलिस प्रशासन के इस रवैये को मनमाना बताते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सीओ अफजलगढ़ कृपाशंकर कन्नोजिया ने बताया की 29 अगस्त को मीरापुर-मलौनी मार्ग पर एक नर हाथी का शव मिला था। जिसके शरीर पर चोटों के निशान थे। हालांकि वन विभाग ने प्रथम दृष्टया हाथी की मौत किसी पुरानी बीमारी या संक्रमण से होने की सूचना अपने अधिकारियों को दी थी। इस मामले को लेकर भाकियू ने पुलिस प्रशासन पर निर्दोष किसानों को फंसाने का आरोप लगाते हुए एक सप्ताह तक धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसानों और प्रशासन के बीच किसानों की गिरफ्तारी न होने पर सहमति भी बनी थी। शुक्रवार को सीओ ने मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी सरजीत पुत्र जग्गा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक नामजद एक आरोपी बलकार पुत्र मुख्तियार पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
सीओ ने बताया कि हाथी की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है। नर हाथी की मौत के बाद उसका बिसरा फोरेंसिक जांच के लिए बरेली भेजा गया था। बिसरे की जांच में हाथी की मौत का कारण बिजली का करंट लगना बताया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रखा था। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से छह नवंबर को वारंट जारी किए गए थे। सीओ के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओ रेहड़ आशीष तोमर के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया था। दबिश में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में किसान थाने पर जमा हो गए। उन्होंने प्रशासन पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। भाकियू नेताओं का कहना है कि इस मामले में रणनीति तय कर आंदोलन किया जाएगा।