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बावरिया गैंग ने लूट का विरोध करने पर की थी साधु की हत्या

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लूट का विरोध में हुई साधु की हत्या
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चांदपुर। डेढ़ माह पूर्व चमरौला में देवस्थल पर साधु की हत्या में पुलिस ने बताया कि बावरिया गैंग ने हत्या की थी। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को दबोच लिया। गैंग ने केलनपुर में एक महिला की हत्या समेत कई घटनाओं में अपना हाथ होना कबूल किया है। गैंग के तीन सदस्य हल्द्वानी जेल में तो सरगना बांदा जेल में बंद हैं।
कोतवाली निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के मुताबिक तीन सितंबर को गांव चमरौला के देवस्थल पर गांव सैदंवार निवासी साधु मुन्ने सिंह की सिर पर लोहे की रोड से हमला कर हत्या कर दी गई दी थी। मंगलवार को पुलिस ने चांदपुर रेलवे स्टेशन के पास रामलीला मैदान के पास बावरिया गैंग के तीन सदस्यों को दबोचकर हत्या का सारा राज उगलवा लिया। पकड़े गए बदमाशों में शाहजहांपुर जिले के थाना रोजा के गांव धूरिया निवासी राजू उर्फ गुलफाम, थाना गोटिया के गांव लक्ष्मणपुर निवासी हुकम सिंह उर्फ हुकुमा व ओमप्रकाश उर्फ फुसल्ली हैं। पकड़े गए गैंग ने पुलिस को बताया कि लूट का विरोध करने पर साधु की हत्या की गई थी। साधु से 15 हजार लूटे थे। गैंग ने 18 मई की रात गांव केलनपुर में महिला के घर में घुसकर हत्या करने समेत कई घटना में अपना हाथ होना बताया है। पुलिस ने गैंग से हत्या में प्रयुक्त सब्बल भी बरामद किया है। गैंग ने पुलिस को बताया कि किरतपुर के गांव मोहम्मदपुर नारायण मंदिर पर रह रहे साधु रोमनाथ हलधर पर लूट के इरादे से हमला कर छह हजार लूटे थे। साधु बदमाशों के चंगुल से भाग निकला था। रोमनाथ हलधर चांदपुर में रामलीला देखने आया था। उसने तीनों बदमाशों को पहचान करके पुलिस को सूचना दी। तब पुलिस ने उन्हें दबोचा। महाराज ने चांदपुर रेलवे स्टेशन के पास आरोपियों को पहचान कर पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को दबोच लिया। कोतवाल ने बताया कि गैंग पांच-छह साल से चांदपुर क्षेत्र में आता है। रक्षाबंधन पर भी गैंग आया था। अब फिर से किसी घटना को अंजाम देने के लिए गैंग आया हुआ था।
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भीख मांगने के बहाने रैकी करता है गैंग
कोतवाल वीरेंद्र सिंह के मुताबिक गैंग के तीन सदस्य हल्द्वानी जेल में बंद है। हल्द्वानी में गैंग के सदस्यों ने चांदपुर की समेत पंद्रह घटनाएं करना स्वीकार किया था। गैंग के सदस्य रामनाथ की चांदपुर में टीबी से मौत हो गई। गैंग का सरगना हव्वा गोंडा की जेल में बंद हैं। गैंग के सदस्य दिन में भीख मांगने के दौरान घरों की रैकी करते हैं। रात में घटना को अंजाम देते हैं। सराफ की दुकान में बड़ी लूट की घटना को भी गैंग अंजाम देता हैं। हल्द्वानी में गैंग के सदस्यों के पकड़े जाने से साधु की हत्या और अन्य घटनाओं में गैंग के हाथ होने का पता चला था। तभी से पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी थी।
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