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दबिश के दौरान मारपीट व तोड़फोड़ करने का आरोप

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दबिश के दौरान पुलिस ने की तोड़फोड़
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बढ़ापुर। बढ़ापुर वन रेंज के हाथी की हत्या कर अवशेष ठिकाने लगाने के चर्चित मामले के वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए ग्राम रामजीवाला में दबिश देने गई पुलिस और वन विभाग की टीम पर महिलाओं ने मारपीट करने और घर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। उधर, महिलाओं के साथ मारपीट व तोड़फोड़ के आरोपों को पुलिस और वन विभाग निराधार बता रहा है।
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25 मार्च 2018 को नजीबाबाद वन प्रभाग के अधीन आने वाली बढ़ापुर वन रेंज की रामजीवाला बीट में हाथी के कटे हुए अवशेष पड़े मिले थे। रेंज के वन दरोगा अमित बडोला की ओर से अज्ञात लोगों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीएफओ नजीबाबाद अखिलेश मिश्रा के प्रयासों से अगस्त के प्रथम सप्ताह में प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव पवन कुमार ने हाथी की हत्या का पता लगाने के मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए वन संरक्षक वन्य जीव नोएडा एचबी गिरीश के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया। दो सितंबर को इस घटना का पर्दाफाश करते हुए ग्राम रामजीवाला के असलम, शौकत, बिशारत उर्फ मोची और नासिर को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। असलम व शौकत के कब्जे से हाथी की हत्या में प्रयुक्त असलम की लाइसेंसी बंदूक और कटर बरामद किए गए। यह चारों आरोपी अभी जिला कारागार में बंद है। विवेचना के दौरान ही ग्राम रामजीवाला के ही करीब एक दर्जन अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आए। इन आरोपियों में से शराफत पुत्र असगर, शराफत पुत्र रहीमबख्श अदालत में आत्मसमर्पण कर जेल चले गए। इस केस के दस आरोपी पिछले डेढ़ माह से फरार हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए बृहस्पतिवार शाम थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह व बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी इरफान अली, पुलिस, वन विभाग की टीम के साथ ग्राम रामजीवाला पहुंचे। और आरोपियों की तलाश में उनके घरों व संभावित जगहों पर दबिश दी। परंतु कोई वांछित आरोपी पुलिस व वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लगा। आरोप है कि जेल में बंद आरोपी असलम के घर पहुंची टीम ने असलम की पुत्री रिजवाना व असलम की बहन राबिया पत्नी रुखसार और एक रिश्तेदार राहिला पत्नी सलीम के साथ भी मारपीट की। महिलाओं का आरोप है कि टीम ने मारपीट के साथ ही उनके घरों में रखे सामान की तोड़फोड़ की है। एक युवती और दो महिलाएं घायल अवस्था में एंबुलेंस की मदद से नगीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। वहां उनका प्राथमिक उपचार हुआ। इस परिवार के सभी पुरुष भूमिगत है। थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह, रेंजर इरफान अली ने आरोपियों के घर तोड़फोड़ व महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी के आरोपों को मनगढ़ंत और निराधार बताया है।
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