बिजनौर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से जांच के लिए लिए गए 24 नमूने जांच में फेल हो गए। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत व्यापारियों के खिलाफ एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया। सभी नमूने मार्च 2016 में लिए गए थे।
खाद्य विभाग ने बिजनौर के शंभा बाजार से अंकुश शर्मा व दीपक शर्मा, नई बस्ती के अरविंद कुमार, मछली बाजार के यामीन, मोहल्ला जाटान के विजय कुमार, गांव गजरौलाशिव के परवेंद्र कुमार, गजरौला अचपल के मो. फुरकान व फैजान, नहटौर के ओमप्रकाश, नजीबाबाद के जाफ्तागंज के साजिद, कोतवाली देहात के गांव महेश्वरी जट के राशिद, नगीना के गांव मझलेटा के वीरेंद्र, किरतपुर के गांव भनेड़ा के ताहिर के मावे तथा किरतपुर के गांव कसौर के नसीम अहमद, स्योहारा के गांव सिपाहियों वाला टांडा के छोटे, नजीबाबाद के गांव खुरमपुर के राकेश, मोहल्ला किला के गौरव राजपूत, कोटद्वार के गोविंद नगर के गोपाल को नजीबाबाद क्षेत्र से, हरिद्वार के गैंदीखाता मोहम्मद रफी, कोतवाली देहात के गांव हरियावाला के मोहम्मद आदिल के मिश्रित दूध, चांदपुर के आमिर हसन का छेन्ने का रसगुल्ला, कोतवाली देहात के गांव ब्रहमपुर के सुनील कुमार की दही, कोतवाली शहर के गांव सिकंदरपुर के संदीप कुमार का पनीर व चांदपुर के गांव ककराला के धनश्याम की बालूशाही का नमूना लिया गया था। गौरखपुर लैब की जांच में ये सभी फेल आए हैं। विभाग ने व्यापारियों के खिलाफ एडीएम प्रशासन के यहां वाद दायर किया है।